Lord Krishna controversial Remark: श्रीकृष्ण पर विवादित बयान से बढ़ा विवाद! हाजी परवेज़ सिद्दीकी ने जताई कड़ी आपत्ति, कहा दी ये बात
Lord Krishna controversial Remark: मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध इस्लामिक स्कॉलर और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दीकी ने मौलाना जरजीश अंसारी के भगवान श्रीकृष्ण पर दिए गए विवादित बयान की निंदा की।
Lord Krishna controversial Remark: मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध इस्लामिक स्कॉलर, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षा के चेयरमैन हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दीकी ने मौलाना जरजीश अंसारी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के संबंध में दिए गए विवादित बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक मंचों का उपयोग किसी भी तरह की सनसनी फैलाने या दूसरे धर्मों की आस्थाओं पर सवाल खड़े करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दीकी ने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता, आपसी सम्मान और धार्मिक सह-अस्तित्व की परंपरा से है। ऐसे गैर-जरूरी और विवादित बयान न केवल करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं, बल्कि समाज में तनाव और अविश्वास का माहौल भी पैदा कर सकते हैं।
हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दीकी ने इस्लाम के बारे में क्या कहा?
हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दीकी ने कहा कि इस्लाम कहीं भी यह शिक्षा नहीं देता कि दूसरे धर्मों के पूजनीय व्यक्तित्वों के बारे में बिना किसी ठोस प्रमाण के ऐसे दावे किए जाएं, जिनसे विवाद और मतभेद बढ़ें। उन्होंने कहा कि इस्लाम की मूल भावना अमन, इंसाफ, समझदारी और दूसरों की धार्मिक भावनाओं के सम्मान में है। इसलिए किसी भी धार्मिक नेता को अपने शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दीकी ने कहा कि जब कोई धार्मिक नेता सार्वजनिक मंच से बयान देता है, तो उसकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। यदि कोई व्यक्ति अपने शब्दों की जिम्मेदारी नहीं निभाता, तो उसके बयान का असर पूरे समाज पर पड़ सकता है। धार्मिक नेतृत्व का उद्देश्य लोगों को जोड़ना और समाज में सद्भाव बनाए रखना होना चाहिए, न कि विवाद और विभाजन पैदा करना।
सभी धर्मगुरुओं से हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दीकी ने की अपील
हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दीकी ने सभी धर्मगुरुओं से अपील की कि वे सार्वजनिक मंचों पर बोलते समय संयम, तथ्यों और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करें। उन्होंने कहा कि आज देश को ऐसे संदेशों की जरूरत है जो भाईचारे, संवाद, सामाजिक एकता और राष्ट्रीय सद्भाव को मजबूत करें। हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दीकी ने देशभर के इस्लामी संस्थानों, मदरसों, मस्जिदों की प्रबंधन समितियों और धार्मिक आयोजकों से भी अपील की कि वे ऐसे लोगों को मंच देने से बचें, जो बिना प्रमाण के विवादास्पद या भड़काऊ बयान देकर समाज में भ्रम, धार्मिक तनाव या वैमनस्य फैलाने का प्रयास करते हों। उन्होंने कहा कि इस्लामी मंचों का उद्देश्य अमन, भाईचारा, शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक सुधार का संदेश देना है। इन मंचों का उपयोग किसी भी प्रकार के विवाद या सनसनी फैलाने के लिए नहीं होना चाहिए।
मुजफ्फरपुर से मनीभूषण शर्मा की रिपोर्ट