Muzaffarpur News:मड़वन के रौतिनिया में कचरा प्रोसेसिंग प्लांट शुरू, रोजाना 500 टन कचरे का होगा निस्तारण

मड़वन प्रखंड के रौतिनिया में बहुप्रतीक्षित कचरा प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन हुआ। विधायक ई. अजीत कुमार ने प्रोमेल मशीन से प्लांट का शुभारंभ किया। अब प्रतिदिन 300 से 500 टन कचरे का निस्तारण होगा और 15 दिनों में गैस बनाने का काम शुरू होगा।

Muzaffarpur Marwan Waste Processing Plant inaugurated
मुजफ्फरपुर जिले में कचरा प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन- फोटो : Reporter

मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड के रौतिनिया स्थित बहुप्रतीक्षित कचरा प्रोसेसिंग प्लांट का शनिवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। स्थानीय विधायक ई. अजीत कुमार और अपर समाहर्ता धनंजय कुमार ने नगर विधायक रंजन कुमार, मेयर निर्मला साहू तथा उप मेयर मोनालिशा की गरिमामयी उपस्थिति में नारियल फोड़कर और प्लांट का स्विच ऑन कर इसका औपचारिक उद्घाटन किया। वर्षों से कचरे के ढेर और गंदगी से परेशान आसपास के ग्रामीणों ने इस परियोजना की शुरुआत को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताया।


सूखे कचरे से शुरुआत, 15 दिनों में गीले कचरे से बनेगी गैस

समारोह को संबोधित करते हुए विधायक ई. अजीत कुमार ने बताया कि वर्तमान में प्लांट में सूखे कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण शुरू कर दिया गया है। अगले 15 दिनों के भीतर गीले कचरे के प्रसंस्करण के साथ उससे गैस बनाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के चालू होने से कांटी विधानसभा क्षेत्र के लोगों को वर्षों पुरानी दुर्गंध, मक्खी और मच्छरों की गंभीर समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।


अत्याधुनिक तकनीक से कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन

संयंत्र की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए विधायक ने बताया कि यहाँ अत्याधुनिक 'प्रोमेल मशीन' स्थापित की गई है। इस मशीन के जरिए प्रतिदिन 300 से 500 टन कचरे का निस्तारण किया जाएगा, जिसमें कचरे से मिट्टी, प्लास्टिक, कागज जैसी सामग्रियों को अलग-अलग वर्गीकृत कर उनका उचित प्रबंधन होगा। उन्होंने यह भी साझा किया कि बिहार विधानसभा की प्राक्कलन समिति के विधायकों का एक दल जल्द ही इस मॉडल प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचेगा।


ग्रामीणों को मिली 70 सालों की समस्या से राहत

इस उद्घाटन कार्यक्रम में अंचल अधिकारी, कार्यपालक अभियंता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। स्थानीय निवासियों ने खुशी जताते हुए कहा कि वे बीते 70 वर्षों से कचरे और बदबू का संताप झेल रहे थे। अब इस आधुनिक प्लांट के शुरू होने से न केवल पूरे क्षेत्र का पर्यावरण स्वच्छ होगा, बल्कि लोगों को एक स्वस्थ और बेहतर जीवन जीने का माहौल भी मिलेगा।