Munger Flood: गंगा के उफान से हाई अलर्ट पर रेलवे, जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर 110 की रफ्तार अब 30 KM पर सिमटी
Munger Flood: गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने अब रेल प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी है।...
Munger Flood: गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने अब रेल प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जमालपुर-भागलपुर रेलखंड के कई संवेदनशील स्थानों पर ट्रेनों की रफ्तार घटा दी गई है। सबौर से रतनपुर के बीच रेल पटरियों और पुल-पुलियों पर गंगा के बढ़ते पानी के असर को देखते हुए रेलवे ने एहतियाती कदम उठाया है।मंगलवार को पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने अधिकारियों की टीम के साथ सबौर से रतनपुर तक रेलखंड का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सबौर, भागलपुर, बरियारपुर और रतनपुर के बीच रेलवे ट्रैक, पुल-पुलियों और गंगा के बढ़ते जलस्तर से पैदा हुई स्थिति का बारीकी से मुआयना किया।
डीआरएम ने बताया कि कई स्थानों पर गंगा का पानी डेंजर जोन से ऊपर बह रहा है। ऐसे में किसी भी तरह का जोखिम लेने के बजाय संवेदनशील स्थानों पर कॉशन लगाया गया है। जिन जगहों पर सामान्य परिस्थितियों में ट्रेनें करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं, वहां अब अधिकतम 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेनों का परिचालन कराया जा रहा है।
हालांकि, डीआरएम ने स्पष्ट किया कि फिलहाल रेल परिचालन बंद करने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक ट्रैक और पुल-पुलियों की स्थिति सुरक्षित है। रेलवे की ओर से संवेदनशील स्थानों पर विशेष टीमों की तैनाती की गई है और लगातार मानसून पेट्रोलिंग भी कराई जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते पता लगाया जा सके।रेलवे प्रशासन की निगाह अब गंगा के जलस्तर पर टिकी है। जलस्तर डेंजर जोन से नीचे आने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही संवेदनशील हिस्सों से कॉशन हटाया जाएगा। तब तक यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रेनों की नियंत्रित रफ्तार जारी रहेगी।
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने जमालपुर स्टेशन के विकास कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्टेशन रीमॉडलिंग के पहले चरण का काम पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण के लिए राशि स्वीकृत हो गई है। श्रावणी मेला और बरसात के कारण रुका निर्माण कार्य पूजा के बाद दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।दूसरे चरण में स्टेशन पर 12 मीटर चौड़े विश्वस्तरीय फुट ओवरब्रिज (FOB) समेत कई विकास कार्य कराए जाएंगे। इससे यात्रियों को स्टेशन पर बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा डीआरएम ने रेलवे की जमीन और सड़क पर अतिक्रमण को लेकर भी सख्ती के संकेत दिए। उन्होंने जिला प्रशासन और नगर परिषद से सहयोग मांगा है। अवैध दुकानों और नालियों पर बनाए गए रास्तों की जांच रिपोर्ट भी तलब की गई है। डीआरएम ने रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।फिलहाल गंगा के उफान के बीच रेलवे प्रशासन की प्राथमिकता ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित बनाए रखना है। संवेदनशील इलाकों में कम रफ्तार और लगातार निगरानी के जरिए किसी भी संभावित खतरे को टालने की कोशिश की जा रही है।
रिपोर्ट- मो. इम्तियाज खान