Bihar News : मुंगेर मॉडल सदर अस्पताल का विधायकों की टीम ने किया औचक निरीक्षण, डॉक्टरों की भारी कमी और अव्यवस्था पर जताई नाराजगी

Bihar News : मुंगेर मॉडल सदर अस्पताल में बिहार विधानसभा की शून्यकाल समिति के तीन विधायक अचानक निरीक्षण के लिए पहुंचे। जहाँ कुव्यवस्था देख उन्होंने नाराजगी जाहिर की......पढ़िए आगे

Bihar News : मुंगेर मॉडल सदर अस्पताल का विधायकों की टीम ने क
सदर - फोटो : IMTIYAZ

MUNGER : मुंगेर के 37 करोड़ रुपये की लागत से बने मॉडल सदर अस्पताल में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब बिहार विधानसभा की शून्यकाल समिति के तीन विधायक अचानक निरीक्षण के लिए पहुंचे। विधायकों की छह सदस्यीय टीम में से परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य, पीरपैंती विधायक मुरारी पासवान और सुल्तानगंज विधायक ललित नारायण मंडल ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड समेत विभिन्न विभागों का जायजा लिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलती नजर आई।

निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड पहुंचे विधायकों को भारी अव्यवस्था देखने को मिली, जहाँ ड्यूटी पर मात्र एक डॉक्टर तैनात मिला। इस स्थिति पर विधायकों ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए अस्पताल प्रबंधन को ताकीद की कि रविवार या किसी भी सार्वजनिक छुट्टी के दिन मरीजों के इलाज में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में हमेशा पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए।

विधायकों ने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल जाना। टीम ने मरीजों से अस्पताल में मिलने वाली दवाओं की उपलब्धता, पैथोलॉजिकल जांच की सुविधा और डॉक्टरों के व्यवहार के संबंध में पूछताछ की। बातचीत के दौरान कई मरीजों ने अपनी परेशानियां विधायकों के सामने रखीं। विधायकों ने मरीजों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान कराया जाएगा।

निरीक्षण के क्रम में अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी का गंभीर मामला उजागर हुआ। जानकारी के अनुसार, सदर अस्पताल में डॉक्टरों के कुल 32 पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल 18 डॉक्टर ही कार्यरत हैं, जबकि 14 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का आलम यह है कि अस्पताल में सर्जिकल सेवाएं महज एक सर्जन के भरोसे चल रही हैं। इसके अलावा, कई डॉक्टरों को अतिरिक्त विभागों का प्रभार सौंपा गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

विधायकों ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में आम जनता का भरोसा बढ़ाना और मरीजों के अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाना है। उन्होंने बताया कि विधानसभा समिति जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का भी लगातार जायजा ले रही है। निरीक्षण के दौरान सामने आई तमाम कमियों और डॉक्टरों की कमी की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर विधानसभा और राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, ताकि जल्द से जल्द इन समस्याओं को दूर कर मुंगेरवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

इम्तियाज़ की रिपोर्ट