Bihar News : पटना में सोनपुर के एकीकृत विकास के लिए हुई उच्चस्तरीय बैठक, 50 वर्षों के मास्टर प्लान पर सीएम सम्राट चौधरी और राजीव प्रताप रूडी ने की मंथन

Bihar News : सीएम सम्राट चौधरी और सांसद राजीव प्रताप रूडी ने की मंथन सोनपुर के विकास के लिए उच्चस्तरीय बैठक की. जहाँ 50 वर्षों के मास्टर प्लान पर चर्चा की गयी.........पढ़िए आगे

Bihar News : पटना में सोनपुर के एकीकृत विकास के लिए हुई उच्च
सोनपुर के विकास पर चर्चा - फोटो : SOCIAL MEDIA

CHAPRA : सोनपुर आयोजना क्षेत्र को आगामी 50 वर्षों की जरूरतों के अनुरूप एक आधुनिक, नियोजित और एकीकृत आर्थिक, औद्योगिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। शनिवार की शाम मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय अंतर- विभागीय बैठक आयोजित हुई। लगभग दो घंटे तक चली इस गहन बैठक में सारण के सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने सोनपुर के समग्र विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं पर एक विस्तृत पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) प्रस्तुत किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सोनपुर के विकास को अलग- अलग टुकड़ों में देखने के बजाय एक साझा मास्टर प्लान के तहत एकीकृत करना है।

सार्वजनिक बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी पर जोर

बैठक के दौरान सोनपुर के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए कनेक्टिविटी के बुनियादी ढांचे पर विस्तार से चर्चा हुई। जेपी सेतु, दीघा- सोनपुर सिक्स- लेन पुल, शेरपुर- दिघवारा पुल और उत्तरी रिंग रोड को जोड़ने वाले प्रमुख बिंदुओं के समक्ष आने वाली चुनौतियों की समीक्षा की गई। इसके अलावा प्रस्तावित सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की भावी कनेक्टिविटी, दिघवारा- कोन्हवा मार्ग, NH-722 तथा सैटेलाइट सिटी के लिए बेहतर सड़क नेटवर्क तैयार करने हेतु समन्वित कार्ययोजना पर सहमति जताई गई। गंगा- अंबिका पथ, जल निकासी, बाढ़ प्रबंधन और गंगा नदी के नेविगेशन चैनल से जुड़ी दीर्घकालिक योजनाओं को भी कनेक्टिविटी ढांचे में शामिल किया गया है।

धार्मिक पर्यटन और सैटेलाइट टाउनशिप का खाका

सोनपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए इसके आर्थिक विकास को गति देने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। प्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मंदिर के लिए एक भव्य कॉरिडोर विकसित करने तथा इसे सोनपुर मेले व स्थानीय पर्यटन क्षेत्र से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया। इसके साथ ही, पटना के समीप बढ़ती आबादी और शहरी दबाव को देखते हुए सोनपुर में एक आधुनिक और सुनियोजित 'सैटेलाइट टाउनशिप' विकसित करने की संभावनाओं पर मंथन हुआ। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोनपुर को केवल राजधानी के एक सहायक विस्तार के रूप में नहीं, बल्कि अपनी एक स्वतंत्र पहचान वाले आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा।

अंतर-विभागीय समन्वय और अंतर-संरचनात्मक प्रबंधन

विभिन्न विकास योजनाओं के समयबद्ध निष्पादन के लिए अंतर-विभागीय समन्वय को बेहद आवश्यक माना गया। गंडक नहर, सिंचाई, सुचारू पेयजल आपूर्ति, जल संसाधन प्रबंधन और आपदा नियंत्रण जैसे विषयों पर संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल की रणनीति बनाई गई। भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास से जुड़ी संभावित समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए एक व्यावहारिक और समन्वित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया ताकि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में कोई अनावश्यक देरी न हो।

शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी

बैठक में राज्य और केंद्र सरकार के कई शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इनमें मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, नागरिक विमानन सचिव निलेश रामचन्द्र देवरे, पर्यटन सचिव लोकेश कुमार, पथ निर्माण सचिव पंकज कुमार पाल, जल संसाधन सचिव चंद्रशेखर सिंह, खेल सचिव दीपक आनंद, सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, एमएसएमई (MSME) निदेशक अमन समीर और केंद्रीय जल आयोग के निदेशक अतुल कुमार शामिल थे। इनके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन और जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी चर्चा में भाग लिया।

सोनपुर को एक आधुनिक वैश्विक पहचान देने का संकल्प 

पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि सोनपुर आज बिहार का सबसे तेजी से उभरता हुआ विकास क्षेत्र है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की इस पहल से विभिन्न विभागों के बीच सीधी समन्वय प्रक्रिया शुरू हुई है, जिससे परियोजनाओं से जुड़े फैसले त्वरित गति से लिए जा सकेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में एकीकृत मास्टर प्लान के क्रियान्वयन से सोनपुर न केवल बिहार, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के लिए एक मॉडल नियोजित शहर के रूप में स्थापित होगा।

धर्मेंद्र रस्तोगी की रिपोर्ट