मोतिहारी में खाद कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन का बड़ा एक्शन: ‘तरुण खाद बीज भंडार’ के गोदाम में छापेमारी, दर्जनों कंपनियों के उर्वरक के हजारों अवैध बैग बरामद

मोतिहारी में खाद कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन का बड़ा एक्शन:
खाद कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन का बड़ा एक्शन- फोटो : हिमांशु

Motihari : मोतिहारी जिला मुख्यालय में उर्वरक की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ सदर एसडीओ अरुण कुमार और सदर डीएसपी दिलीप सिंह के नेतृत्व में प्रशासन ने जबरदस्त शिकंजा कसा है। पिछले 10 दिनों के भीतर खाद माफियाओं के खिलाफ यह चौथी बड़ी कार्रवाई है, जिससे पूरे प्रशासनिक महकमे और खाद कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।


तीन दिनों तक चली वीडियोग्राफी और गहन जांच से हुआ बड़ा खुलासा

गुप्त सूचना के आधार पर सदर एसडीओ के निर्देश पर मजिस्ट्रेट और अनुमंडल कृषि पदाधिकारी की उपस्थिति में बंजरिया थाना क्षेत्र स्थित ‘तरुण खाद बीज भंडार’ के गोदामों की वीडियोग्राफी कराते हुए लगातार तीन दिनों तक सघन जांच की गई। गोदामों में भारी मात्रा में उर्वरक मौजूद होने के कारण गिनती और मिलान का काम लंबे समय तक चला, जिसके बाद चौंकाने वाले खुलासे हुए।


लाइसेंस से इतर दर्जनभर कंपनियों के हजारों बैग और गायब मिलीं पंजी

जांच में सामने आया कि प्रोपराइटर तापस कर्मकार के लाइसेंस में केवल दो गोदाम ही दर्ज हैं और उसे महज BVFCL, Maitrix तथा HURL कंपनी का उर्वरक बेचने की अनुमति थी। इसके बावजूद मौके से IFFCO, IPL, PPL समेत एक दर्जन अन्य कंपनियों के हजारों बैग अवैध रूप से भंडारित मिले। साथ ही, गोदाम से स्टॉक पंजी और बिक्री पंजी भी पूरी तरह गायब पाई गई।


कृषि विभाग और खाद माफियाओं की कथित मिलीभगत की खुली पोल

इस बड़ी कार्रवाई ने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली और खाद माफियाओं के बीच मजबूत सेटिंग की पोल खोल दी है। इससे पहले भी सील गोदाम से बोरे गायब होने और एक साल से लाइसेंस समाप्त होने के बावजूद अवैध गोदाम संचालित होने जैसे मामले सामने आ चुके हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई है।


बंजरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज, प्रशासन का सख्त अभियान जारी

व्यापक अनियमितताओं, अवैध भंडारण और कालाबाजारी की पुष्टि होने के बाद सदर एसडीओ के निर्देश पर सदर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (SAO) द्वारा बंजरिया थाना में तरुण खाद बीज भंडार के प्रोपराइटर के खिलाफ औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले कालाबाजारियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।


हिमांशु की रिपोर्ट