Bihar News : बिहार में हिंदू डॉक्टर ने सांप्रदायिक सौहार्द की पेश की मिसाल, मुस्लिम महिला के जनाजे को दिया कंधा, इंसानियत को बताया सबसे बड़ा धर्म

Bihar News : बिहार में हिंदू डॉक्टर ने सांप्रदायिक सौहार्द क

KHAGARIA : जिले के चौथम प्रखंड अंतर्गत धुतौली गांव में धर्म और जाति की बेड़ियां उस वक्त टूटती नजर आईं, जब एक हिंदू डॉक्टर ने मुस्लिम महिला के जनाजे को कंधा देकर इंसानियत की एक नई इबारत लिख दी। यह घटना न केवल खगड़िया बल्कि पूरे बिहार के लिए सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनुपम मिसाल बन गई है।

मातम के बीच मानवता का सहारा

धुतौली गांव निवासी मो. कमाल रैन की पत्नी हलीमा खातून के आकस्मिक निधन से पूरे गांव में गम का माहौल था। परिवार पर आए इस वज्रपात की सूचना मिलते ही दादा जेपी हॉस्पिटल के संचालक और पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि डॉ. दीपक कुमार संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत पीड़ित परिवार के घर पहुंचे।

जनाजे को दिया कंधा, समाज को दिया संदेश

डॉ. दीपक कुमार ने न केवल शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी, बल्कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में भी शामिल हुए। उन्होंने हलीमा खातून के जनाजे को अपने कंधे पर उठाकर कब्रिस्तान तक पहुंचाया। इस दृश्य ने यह संदेश दिया कि मानवता के सामने मजहब की दीवारें कितनी छोटी और बेमानी हैं।

क्षेत्र में हो रही है भूरी-भूरी प्रशंसा

धुतौली की इस घटना ने आज के दौर में समाज को एक सकारात्मक दिशा दिखाई है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां छोटी-छोटी बातों पर तनाव पैदा हो जाता है, वहां डॉ. दीपक जैसे लोग समाज को जोड़ने का काम कर रहे हैं। डॉ. कुमार के इस सराहनीय कदम और उनकी संवेदनशीलता की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।

प्रेरणा: असली धर्म है इंसानियत

यह घटना हमें याद दिलाती है कि संकट के समय एक-दूसरे के साथ खड़ा होना ही सबसे बड़ा धर्म है। डॉ. दीपक कुमार के प्रति समर्पण और उनकी इस पहल ने साबित कर दिया कि प्रेम और भाईचारा ही भारतीय संस्कृति की असली पहचान है। 

अमित की रिपोर्ट