बिहार कांग्रेस में 'ऑल इज नॉट वेल', सांसद तारिक अनवर प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की भूमिका से नाराज

बिहार कांग्रेस में 'ऑल इज नॉट वेल', सांसद तारिक अनवर प्रदेश

Katihar : बिहार कांग्रेस के भीतर अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। कटिहार से कांग्रेस सांसद और पार्टी के कद्दावर नेता तारिक अनवर के ताजा बयानों ने इस बात को बल दिया है कि प्रदेश संगठन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। तारिक अनवर ने संकेत दिए हैं कि बिहार में पार्टी की वर्तमान स्थिति काफी नाजुक है और इसके लिए कहीं न कहीं नेतृत्व की कार्यशैली जिम्मेदार है। एक ओर जहां कांग्रेस पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है, वहीं बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्य में गुटबाजी ने आलाकमान की चिंताएं बढ़ा दी हैं।


प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम पर संगठन को तहस-नहस करने का आरोप

बिहार कांग्रेस में मचे इस घमासान के केंद्र में प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की भूमिका बताई जा रही है। कटिहार के जिला अध्यक्ष सुनील यादव के इस्तीफे के बाद अंदरूनी अंतर्कलह और तेज हो गई है। चर्चा है कि प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जिला स्तर की राजनीति में किए जा रहे हस्तक्षेप और सांगठनिक फैसलों से कई वरिष्ठ नेता और जमीनी कार्यकर्ता नाराज हैं। आरोप लग रहे हैं कि प्रदेश नेतृत्व की नीतियों के कारण कांग्रेस के पुराने गढ़ों में भी पार्टी की पकड़ कमजोर होती जा रही है और कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है।


टिकट बंटवारे में 'रुपयों के खेल' और क्रॉस वोटिंग से बढ़ी दूरियां

कांग्रेस के भीतर नाराजगी की जड़ें पुरानी हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे में भ्रष्टाचार और बड़े नेताओं पर 'रुपयों के खेल' के गंभीर आरोप लगे थे। इसके अलावा, राज्यसभा चुनाव में मनिहारी से कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद द्वारा की गई 'क्रॉस वोटिंग' ने पार्टी के अनुशासन की पोल खोलकर रख दी थी। कटिहार में भी पूर्व सीएलपी लीडर शकील अहमद और सांसद तारिक अनवर के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नेताओं के बीच विश्वास की भारी कमी है, जिससे संगठन दोफाड़ होता दिख रहा है।


अनुशासन समिति के सदस्य तारिक अनवर ने आलाकमान को सौंपी रिपोर्ट

सांसद तारिक अनवर ने कटिहार में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने बिहार कांग्रेस के इन तमाम विवादित विषयों और संगठन की गुटबाजी से राष्ट्रीय नेतृत्व को अवगत करा दिया है। चूंकि वह स्वयं कांग्रेस की केंद्रीय अनुशासन समिति के सदस्य हैं, इसलिए उन्होंने फिलहाल सार्वजनिक रूप से किसी व्यक्ति विशेष पर खुलकर टिप्पणी करने से परहेज किया। हालांकि, उनके लहजे से साफ था कि वह प्रदेश के वर्तमान घटनाक्रमों से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने मामले को शीर्ष स्तर पर गंभीरता से उठाने की बात कही है।


 श्याम की रिपोर्ट