Bihar News:डेड ब्रॉट पर मचा बवाल, मोहनिया अस्पताल में डॉक्टर पर हमला, पुलिस बनी मूकदर्शक, सड़क हादसे के बाद इलाज को लेकर फूटा गुस्सा

Bihar News: सड़क दुर्घटना में घायल युवक को अस्पताल लाए जाने के बाद चिकित्सक द्वारा मृत घोषित किए जाने पर आक्रोशित परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ कथित तौर पर मारपीट कर दी।...

Doctor Attacked at Mohania Hospital After Fatal Road Acciden
डेड ब्रॉट पर मचा बवाल- फोटो : reporter

Bihar News: कैमूर के मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में सड़क हादसे के बाद ऐसा बवाल मचा कि इलाज का केंद्र रणक्षेत्र में बदल गया। सड़क दुर्घटना में घायल युवक को अस्पताल लाए जाने के बाद चिकित्सक द्वारा मृत घोषित किए जाने पर आक्रोशित परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ कथित तौर पर मारपीट कर दी। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि घटना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन आरोप है कि उसने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के पहुंचने पर स्थिति पर काबू पाया गया।

जानकारी के अनुसार, मोहनिया थाना क्षेत्र के बरकत नगर के समीप उत्तरी सर्विस रोड पर एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने एक व्यक्ति को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल युवक को आनन-फानन में अनुमंडलीय अस्पताल मोहनिया ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे 'डेड ब्रॉट' (अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया।मृतक की पहचान चैनपुर थाना क्षेत्र के नौघड़ा गांव निवासी गुफरान खान के रूप में हुई है, जो दिवान कलामुद्दीन खान के पुत्र बताए गए हैं।

घटना के बाद मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने पर ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने समय पर जांच नहीं की और इलाज में लापरवाही बरती। इसी आरोप को लेकर अस्पताल परिसर में विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गुस्साए परिजनों और उनके साथ मौजूद कुछ लोगों ने ड्यूटी पर तैनात डॉ. प्रदीप कुमार के साथ गाली-गलौज की और उनकी पिटाई कर दी। इस घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्वास्थ्यकर्मियों में दहशत फैल गई।

घटना को लेकर एक और गंभीर आरोप सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों और अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मारपीट के दौरान मोहनिया थाने की पुलिस अस्पताल परिसर में मौजूद थी, लेकिन उसने तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया। हालांकि, घटना की सूचना मिलते ही सर्किल इंस्पेक्टर सुनील कुमार निर्झर और प्रभारी थानाध्यक्ष दीपक कुमार अतिरिक्त पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया।अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अविनाश सिंह ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अस्पताल लाए जाने पर चिकित्सक ने मेडिकल जांच के बाद मरीज को मृत घोषित किया था। उनके अनुसार, इसके बावजूद कुछ लोगों ने डॉक्टर के साथ हाथापाई और मारपीट की, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की मौजूदगी में इस तरह की घटना होना गंभीर चिंता का विषय है।

अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले में थाने को लिखित शिकायत सौंप दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। डॉ. अविनाश सिंह ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो चिकित्सक आंदोलन करने को विवश होंगे।वहीं, सड़क हादसे में स्कॉर्पियो चालक की तलाश भी पुलिस कर रही है। फिलहाल अस्पताल में इलाज में लापरवाही के आरोप पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस पहलू की जांच की जानी बाकी है, जबकि डॉक्टर के साथ मारपीट के मामले में पुलिस शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

रिपोर्ट- देव तिवारी