Bihar accident: बेलगाम हाइवा ने ली कोचिंग से लौट रही छात्रा की जान, मौत के बाद फूटा जनाक्रोश, NH-333 जाम
Bihar accident: एनएच-333 पर तेज रफ्तार और बेलगाम हाइवा ने एक मासूम छात्रा की जिंदगी छीन ली, जिसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा।...
Bihar accident: जमुई में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। खैरा में छात्रा की मौत का दर्द अभी लोगों के दिलों से उतरा भी नहीं था कि झाझा में एक और दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गम और गुस्से में डुबो दिया। एनएच-333 पर तेज रफ्तार और बेलगाम हाइवा ने एक मासूम छात्रा की जिंदगी छीन ली, जिसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा।
घटना झाझा थाना क्षेत्र के चरघरा गांव के समीप की है, जहां कोचिंग से साइकिल पर घर लौट रही 15 वर्षीय छात्रा नैना कुमारी को एक हाइवा ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि छात्रा गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाइवा का पहिया उसके पैर पर चढ़ गया, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई।
हादसे के बाद चालक वाहन लेकर फरार होने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए हाइवा को रोक लिया। हालांकि चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि वाहन में मौजूद खलासी को लोगों ने पकड़ लिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों ने घायल नैना को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झाझा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। लेकिन स्थिति गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई रेफर कर दिया गया। दुर्भाग्यवश अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई।मृतका की पहचान चरघरा गांव निवासी नंदू साह की पुत्री नैना कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार नैना रोज की तरह झाझा बस स्टैंड स्थित कोचिंग से पढ़ाई कर अपने घर लौट रही थी, तभी यह हादसा हो गया।
छात्रा की मौत की खबर मिलते ही ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर एनएच-333 को पूरी तरह जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर लगातार भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।फिलहाल मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण जमा हैं और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लोगों को समझाने-बुझाने में जुटे हैं। नैना की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाह रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट- सुमित कुमार