राजस्व महा-अभियान: अब 21 जून तक चलेगी विशेष मुहिम, 46 लाख से अधिक आवेदनों के डिजिटल निष्पादन का लक्ष्य

'राजस्व महा-अभियान' को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तहत प्राप्त 46 लाख से अधिक लंबित आवेदनों की स्कैनिंग और डिजिटल अपलोडिंग के लिए जारी विशेष अभियान की समय-सीमा अब बढ़ाकर 21 जून 2026 कर दी गई है...

राजस्व महा-अभियान: अब 21 जून तक चलेगी विशेष मुहिम, 46 लाख से
डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल (फाइल फोटो)- फोटो : सोशल मीडिया

Patna : बिहार में भूमि सुधार, उत्तराधिकार नामांतरण (दाखिल-खारिज) और आपसी बंटवारे से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए चलाए जा रहे 'राजस्व महा-अभियान' को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तहत प्राप्त 46 लाख से अधिक लंबित आवेदनों की स्कैनिंग और डिजिटल अपलोडिंग के लिए जारी विशेष अभियान की समय-सीमा अब बढ़ाकर 21 जून 2026 कर दी गई है। विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को इस विस्तारित अवधि में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का कड़ा निर्देश दिया है।


एक हफ्ते में डिजिटल पोर्टल अपलोडिंग दोगुनी से अधिक हुई

माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि 11 जून से 17 जून तक चलाए गए विशेष अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। राज्यभर में कुल प्राप्त 46,25,957 आवेदनों में से अब तक 95.73 प्रतिशत की स्कैनिंग पूरी हो चुकी है। सबसे बड़ी प्रगति ऑनलाइन पोर्टल अपलोडिंग में देखी गई है, जो अभियान शुरू होने से पहले मात्र 26.43 प्रतिशत थी और अब बढ़कर 60.27 प्रतिशत पर पहुंच गई है।


स्कैनिंग और अपलोडिंग में ये जिले रहे अव्वल

विशेष डिजिटल मुहिम के तहत बिहार के कई जिलों ने बेहतरीन कार्यकुशलता का प्रदर्शन किया है। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जिले इस प्रकार हैं:

  • स्कैनिंग के मामले में: खगड़िया (99.92%), दरभंगा (99.72%), पूर्णिया व वैशाली (99.67%), रोहतास (99.53%) और समस्तीपुर व सुपौल 99% से अधिक काम पूरा कर शीर्ष पर हैं।
  • पोर्टल अपलोडिंग के मामले में: शिवहर (89.92%) के साथ सबसे आगे है। इसके बाद किशनगंज (86.47%), खगड़िया (84.83%), दरभंगा (80.61%), पूर्णिया (77.82%) और वैशाली (75.17%) का स्थान है।

अधिकारियों पर सख्त निगरानी: 

जिन जिलों में डिजिटल अपलोडिंग की रफ्तार धीमी है, वहां अंचल अधिकारियों (CO) और राजस्व अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की गई है। मुख्यालय स्तर की मॉनिटरिंग टीम द्वारा हर दिन की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है।


पारदर्शी भूमि प्रशासन और रैयतों को राहत

मंत्री डॉ. जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार राज्य के भूमि प्रशासन को पूरी तरह पारदर्शी, पेपरलेस और जनोन्मुखी बनाने के लिए संकल्पित है। लाखों लंबित आवेदनों का डिजिटल निष्पादन आम जनता को भूमि विवादों और दफ्तरों के चक्कर काटने से बड़ी राहत देगा। विभाग के सचिव जय सिंह ने भी सभी जिलाधिकारियों (DM), अपर समाहर्ताओं और अंचल अधिकारियों को इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 21 जून तक हर हाल में काम पूरा करने का टास्क सौंपा है।

वंदना की रिपोर्ट