गोपालगंज में डीएम का जनता दरबार, फरियादियों की समस्याओं पर सख्त रुख, बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं, तय समय में होगा समाधान
Bihar Crime: जिला पदाधिकारी ने एक-एक फरियाद को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात की और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।...
Gopalganj: जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने सोमवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में "सबका सम्मान, जीवन आसान" अभियान के तहत जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे डीएम के समक्ष रखीं। जिला पदाधिकारी ने एक-एक फरियाद को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात की और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनता दरबार में भूमि विवाद, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, अतिक्रमण, बिजली, पेयजल सहित जनसुविधाओं से जुड़े अनेक मामलों की शिकायतें सामने आईं। डीएम ने सभी आवेदनों का बारीकी से अवलोकन किया और लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
डीएम समीर सौरभ ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आम जनता की शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार, पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
जनता दरबार के दौरान डीएम लगातार फरियादियों से संवाद करते रहे और कई मामलों की जानकारी स्वयं लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ें, यह प्रशासन की प्राथमिकता है। आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान ही सुशासन की पहचान है।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि "सबका सम्मान, जीवन आसान" अभियान का उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का संवेदनशील, पारदर्शी और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। प्रशासन हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसकी लगातार निगरानी की जा रही है।जिला प्रशासन ने बताया कि जनता दरबार में प्राप्त सभी शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। जिन मामलों का मौके पर समाधान संभव नहीं है, उनका निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा