विवादित जमीन पर निर्माण को लेकर खूनी संघर्ष, दबंगों के हमले में महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल

विवादित जमीन पर निर्माण को लेकर खूनी संघर्ष, दबंगों के हमले
विवादित जमीन पर निर्माण को लेकर खूनी संघर्ष- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : जिले के खिजरसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत लोदीपुर मौजे में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच एक बार फिर हिंसक झड़प और खूनी संघर्ष की वारदात सामने आई है। न्यायालय व एसडीओ (SDO) के आदेश के आलोक में जब एक पक्ष अपनी खरीदी हुई जमीन पर बाउंड्री और मकान का निर्माण कार्य कराने पहुंचा, तभी करीब 15-20 की संख्या में आए दबंगों ने उन पर लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और पिस्टल की बट से अचानक हमला बोल दिया। इस बर्बर हमले में ममता देवी, कपिलदेव प्रसाद और उपेंद्र पासवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है।


कोर्ट व SDO के आदेश पर काम कराने गए थे पीड़ित, चाकूबाजी और पिस्टल की बट से फोड़ा सिर

घायल पीड़िता ममता देवी, कपिल प्रसाद और उपेंद्र पासवान ने आपबीती बताते हुए कहा कि वे प्रशासनिक व न्यायिक आदेश के तहत अपनी जमीन पर काम शुरू करा रहे थे। इसी बीच गांव के रामावतार यादव, अखिलेश यादव, आशीष यादव समेत दर्जनों लोग हथियारों से लैस होकर वहां धमक आए। पीड़ितों का आरोप है कि विरोध करने पर आशीष ने चाकू से हमला कर दिया जिससे ममता देवी का हाथ जख्मी हो गया, वहीं अखिलेश यादव ने सिर पर पिस्टल की बट मारकर सिर फाड़ दिया। इस दौरान उपेंद्र पासवान को भी बेरहमी से पीटा गया और उनके पॉकेट से 8,000 नगद छीन लिए गए।


5 लाख की रंगदारी मांगने और जातिसूचक गाली देने का आरोप, महिलाओं से भी की बदसलूकी

पीड़ित पक्ष ने हमलावरों पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी उनसे 5 लाख की रंगदारी मांग रहे हैं और रंगदारी न देने की स्थिति में जान से मारने की लगातार धमकी दे रहे हैं। वारदात के वक्त दबंगों ने पीड़ितों को न सिर्फ जातिसूचक गालियां दीं, बल्कि मौके पर मौजूद महिलाओं के साथ बदसलूकी और मारपीट भी की। पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों का मनोबल इतना बढ़ा हुआ है कि वे पूर्व में भी इस तरह की मारपीट और हिंसक घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं, जिससे पीड़ित परिवार लगातार खौफ के साए में जीने को विवश है।


स्थानीय पुलिस पर लापरवाही और 1.5 लाख रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप

मामले में पीड़ित पक्ष ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने 11 जून 2026 को ही इस संबंध में एससी-एसटी (SC-ST) थाने में आवेदन दिया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ितों ने खिजरसराय थाना प्रभारी पर लापरवाही बरतने, आरोपियों का साथ देने और मामले को सुलझाने के एवज में 1.5 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ितों के अनुसार, रिश्वत की पूरी रकम न देने पर मामले को पेचीदा बना दिया गया। हालांकि, इससे पूर्व पीड़ितों ने आईजी (IG) विकास वैभव से भी मुलाकात कर गुहार लगाई थी, जहाँ से उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन स्थानीय स्तर पर ढिलाई के कारण शनिवार को यह खूनी संघर्ष हो गया।


आवेदन के आधार पर मामले की जांच में जुटी पुलिस, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का दावा

इधर, खूनी झड़प की सूचना मिलने के बाद खिजरसराय थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया। इस पूरे विवाद और पुलिस पर लगे आरोपों के बीच थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है और पुलिस टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि कानून को हाथ में लेने वाले और घटना में दोषी पाए जाने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


गया से मनोज कुमार की रिपोर्ट