जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध का किया निरीक्षण, जल्द काम पूरा करने का दिया अल्टीमेटम
Bhagalpur : बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने भागलपुर जिले में बाढ़ सुरक्षा एवं तटबंध संरक्षण कार्यों का सघन स्थलीय निरीक्षण किया। शनिवार (04 जुलाई 2026) को हुए इस उच्च स्तरीय दौरे के दौरान सचिव ने इस्माईलपुर–बिंदटोली तटबंध के स्पर संख्या 07 से 09 के बीच चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने ज्ञानीदास–झल्लूदास ग्राम में संचालित बाढ़ सुरक्षात्मक एवं कटाव निरोधक कार्यों का भी भौतिक निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की।
रंगरा के झल्लूदास-ज्ञानीदास में अभियंताओं को कैंप करने का निर्देश
निरीक्षण की कड़ियों को जोड़ते हुए सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने भागलपुर के रंगरा प्रखंड अंतर्गत झल्लूदास-ज्ञानीदास क्षेत्र का रुख किया। गंगा नदी के बाएं तट पर प्रस्तावित इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत 1394 मीटर में बोल्डर एप्रन और स्लोप पिचिंग का कार्य किया जाना है, जिससे पूरे गांव की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। स्थल पर मौजूद कमियों को देखते हुए सचिव ने अधिकारियों को प्रयुक्त होने वाले बोल्डर का पर्याप्त भंडारण और क्रेट की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अभियंताओं को स्थल पर ही कैंप कर गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूर्ण कराने की सख्त हिदायत दी।
गोपालपुर प्रखंड में बढ़ेगी मजदूरों और मशीनों की संख्या, दिन-रात काम करने का आदेश
दौरे के अगले चरण में सचिव ने गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत गंगा नदी के बाएं किनारे स्थित बेहद संवेदनशील इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध के स्पर-8 से स्पर-9 के बीच चल रहे कटाव निरोधक कार्यों को परखा। यहाँ स्पर-8 से 9 के बीच कुल 740 मीटर के दायरे में बोल्डर एप्रन, बोल्डर स्लोप पिचिंग और मुख्य बांध के टो (Toe) में शीट पाइल लगाने का प्रावधान किया गया है। कार्य की महत्ता को देखते हुए सचिव ने निर्माण स्थल पर दिन-रात काम सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त श्रमबल (मजदूरों) और आधुनिक मशीनों की संख्या तत्काल बढ़ाने का आदेश दिया।
मानसून के मद्देनजर समय सीमा तय, लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई
नदियों के बढ़ते जलस्तर और मानसून की सक्रियता को देखते हुए जल संसाधन विभाग के सचिव ने इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध के इस महत्वपूर्ण कार्य को आगामी 15 दिनों के भीतर हर हाल में पूर्ण करने की समय सीमा (डेडलाइन) तय की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण सामग्री जैसे बोल्डर की आपूर्ति में कोई निरंतरता नहीं टूटनी चाहिए। सचिव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय पर काम न होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
कटाव निरोधक कार्यों से हजारों ग्रामीणों को मिलेगी बाढ़ की विभीषिका से मुक्ति
गौरतलब है कि गंगा नदी के जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव के कारण गोपालपुर और रंगरा प्रखंड के कई गांव लगातार कटाव और बाढ़ की विभीषिका झेलते रहे हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा कराए जा रहे इन बोल्डर एप्रन, स्लोप पिचिंग और बांध सुरक्षा कार्यों के पूरा होने से स्थानीय ग्रामीणों को कटाव के डर से मुक्ति मिलेगी और उनके जान-माल की मुकम्मल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। निरीक्षण के दौरान विभाग के कई वरीय अभियंता और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
भागलपुर से बालमुकुंद कुमार की रिपोर्ट