Bihar News : गया में कांग्रेस का 'मनरेगा बचाओ' अभियान, 4000 गांवों में पहुंचेगा राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी का संदेश
Bihar News : कांग्रेस मनरेगा बचाओं अभियान में जुट गयी है. इस कड़ी में गया के 4 हज़ार गांवों में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी का संदेश वितरित किया जायेगा....पढ़िए आगे
GAYAJI : केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ और मनरेगा को बचाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने व्यापक अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान के तहत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हस्ताक्षर युक्त दो पृष्ठों का विशेष संदेश गया जिले के सभी 24 प्रखंडों, 332 ग्राम पंचायतों और लगभग 4000 गांवों में वितरित किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया है कि वे घर-घर जाकर मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू और पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि 20 वर्ष पहले डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने मनरेगा लागू कर 'काम के अधिकार' को संवैधानिक रूप दिया था। नेताओं ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि अब तक मनरेगा के माध्यम से 180 करोड़ से अधिक कार्य दिवसों का सृजन हुआ है और गांवों में तालाब व सड़कों जैसी 10 करोड़ परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ है, जिसे वर्तमान सरकार कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस नेताओं ने मोदी सरकार पर मनरेगा को चार खतरनाक तरीकों से नष्ट करने की योजना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार मजदूरों से काम करने का अधिकार और समय पर मजदूरी पाने का हक छीन रही है। साथ ही, आरोप लगाया गया कि ग्राम पंचायतों की शक्तियों को कम कर ठेकेदारों को बढ़ावा दिया जा रहा है और राज्य सरकारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालकर उन्हें कमजोर करने की साजिश रची जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा।
इस अभियान को धार देने के लिए किसान कांग्रेस, अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ और शिक्षक प्रकोष्ठ सहित पार्टी की विभिन्न इकाइयों ने एकजुटता दिखाई है। नेताओं ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा में किए गए मजदूर विरोधी बदलावों को वापस कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए पार्टी आगामी 26 फरवरी तक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाएगी, जिसमें नुक्कड़ सभाओं और पैदल मार्च के जरिए केंद्र सरकार की "मजदूर विरोधी" नीतियों को बेनकाब किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान युगल किशोर सिंह, सुनील कुमार पासवान, धर्मेन्द्र निराला और टिंकू गिरी सहित दर्जनों पदाधिकारियों ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है। कांग्रेस का यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मजदूरों को उनका पूरा हक और पंचायतों को उनकी स्वायत्तता वापस नहीं मिल जाती। जिले भर में संदेश वितरण का यह कार्य पंचायत स्तर पर तैनात कार्यकर्ताओं की टोली द्वारा युद्धस्तर पर शुरू किया जा रहा है।