करोड़पति बनने का सपना पड़ा भारी: फोन पर 5 करोड़ मांग रहे थे बदमाश, गया पुलिस ने ऐसे दबोचा

गया पुलिस की बड़ी सफलता: 5 करोड़ की रंगदारी मांगने वाले गिरोह के 3 शातिर आरोपी गिरफ्तार। मोबाइल और सिम कार्ड बरामद। जानें कैसे सिटी एसपी की टीम ने सुलझाया यह बड़ा मामला।

Gaya police arrests extortion gang
फोन पर 5 करोड़ मांग रहे थे बदमाश, गया पुलिस ने दबोचा- फोटो : news 4 nation

बिहार के गया जिले में रंगदारी के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने रामपुर थाने में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरोह ने एक व्यक्ति से फोन पर 5 करोड़ रुपये की मांग की थी और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल आरोपियों को दबोचा, बल्कि घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद कर लिए हैं।


ज्वेलर्स से भी मांगी थी 20 लाख की फिरौती

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह गिरोह केवल एक वारदात तक सीमित नहीं था। तकनीकी साक्ष्यों (Technical Surveillance) से यह स्पष्ट हुआ कि जिस मोबाइल नंबर से 5 करोड़ की मांग की गई थी, उसी नंबर का इस्तेमाल इमामगंज के एक ज्वेलर्स से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के लिए भी किया गया था। इस खुलासे के बाद रामपुर थाना (कांड संख्या-221/28) और इमामगंज थाना (कांड संख्या-114/25) की पुलिस ने संयुक्त रूप से जाल बिछाकर गिरोह की घेराबंदी शुरू की।


विशेष टीम ने तीन आरोपियों को अलग-अलग ठिकानों से दबोचा

वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने छापेमारी कर सबसे पहले शेरघाटी के अनतबिगहा से सुबोध कुमार को गिरफ्तार किया। सुबोध की निशानदेही पर पुलिस ने गुलजार बिगहा में दबिश देकर विकास कुमार को पकड़ा, जिसके पास से सिम कार्ड बरामद हुआ। अंत में, विकास से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने इमामगंज बाजार स्थित एक किराए के मकान में छापेमारी कर मुख्य आरोपी संजीत कुमार को गिरफ्तार किया, जिसके पास से फिरौती मांगने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया।


आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी गया पुलिस

इस गिरोह के पकड़े जाने से जिले के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब गिरफ्तार तीनों आरोपियों—सुबोध, विकास और संजीत—के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है। सिटी एसपी ने बताया कि गिरोह के तार अन्य जिलों या अपराधियों से जुड़े होने की भी संभावना है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस फरार चल रहे अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट को खत्म किया जा सके।

रिपोर्ट - - मनोज कुमार