Bhagalpur School: गोपालपुर स्कूल में बदहाल हालात! पंखे खराब, शिक्षक कमी से छात्राएं परेशान
Bhagalpur School: भागलपुर में स्थित गोपालपुर के सैदपुर स्कूल में पंखे खराब हैं। इस दौरान बिल्डिंग में खामियां और शिक्षकों की कमी से छात्राएं परेशान है।
Bhagalpur School: एक तरफ सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, लेकिन जमीन पर हालात कुछ और ही कहानी बता रहे हैं। स्कूलों में सुधार के नाम पर हो रहे कामों की गुणवत्ता पर अब सवाल उठने लगे हैं। ताजा मामला गोपालपुर प्रखंड के प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय सैदपुर का है, जहां कई तरह की खामियां सामने आई हैं।
हाल ही में इस स्कूल में 34 सीलिंग फैन लगाए गए थे, लेकिन इनमें से 2 पंखे शुरुआत से ही खराब निकले। बाकी पंखों की हालत भी अच्छी नहीं है। उनकी हवा इतनी कम है कि छात्राओं को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। मजबूरी में स्कूल प्रशासन को सभी पंखों के कंडेंसर बदलवाने पड़े। एक कंडेंसर की कीमत करीब 100 रुपये है, और इसके साथ मिस्त्री का खर्च भी अलग से देना पड़ा।
स्कूल के प्रधानाध्यापक ने खामियों की पुष्टि की
समस्या सिर्फ पंखों तक ही सीमित नहीं है। स्कूल में लगाए गए दरवाजों और खिड़कियों की कुंडियां भी ठीक से काम नहीं कर रही हैं। इसके अलावा लगभग 10 मर्करी लाइट्स में से 2 पहले से ही खराब पाई गईं। इससे साफ है कि काम की गुणवत्ता पर ठीक से ध्यान नहीं दिया गया। स्कूल के प्रधानाध्यापक रमेश कुमार यादव ने भी इन खामियों की पुष्टि की है। उनका कहना है कि ठेकेदार द्वारा किए गए ज्यादातर कामों में दिक्कतें हैं। पंखों से लेकर दरवाजे और खिड़कियों तक कई समस्याएं सामने आ रही हैं, जिससे स्कूल का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
ठेकेदार को काम सुधारने के लिए निर्देश
इस मामले पर कार्यपालक अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि ठेकेदार को काम सुधारने के लिए पहले ही निर्देश दिया जा चुका है। अगर वह सुधार नहीं करता है, तो उसकी जमा राशि का 10 प्रतिशत जब्त किया जाएगा। यह स्कूल खास तौर पर छात्राओं के लिए है, लेकिन यहां बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है। स्कूल में न तो लाइब्रेरी है, न संगीत कक्ष, न कॉमन रूम, न प्रैक्टिकल रूम और न ही साइकिल स्टैंड। दूसरी मंजिल की कक्षाओं की हालत भी खराब है। बरसात के समय छत से पानी टपकता है, जिससे पढ़ाई में दिक्कत होती है।
शिक्षकों की कमी
शिक्षकों की कमी भी एक बड़ी समस्या है। कक्षा 9 और 10 में संस्कृत शिक्षक नहीं हैं, जबकि उच्च कक्षाओं में हिंदी शिक्षक की कमी है। इसके अलावा डांस टीचर भी नहीं है। स्कूल में चारदीवारी नहीं होने से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार शिक्षा सुधार की बात कर रही है, तो क्या इस स्कूल की समस्याओं का हल निकलेगा या फिर हालात ऐसे ही बने रहेंगे।
भागलपुर से बालमुकुंद की रिपोर्ट