डीएम ने लगाया जनता दरबार: फरियादियों की सुनी समस्याएं, कई मामलों का हुआ ऑन-द-स्पॉट निपटारा

डीएम ने लगाया जनता दरबार:  फरियादियों की सुनी समस्याएं, कई म
डीएम जनता दरबार में उमड़ी फरियादियों की भीड़- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : जिले में प्रशासन को जनता के प्रति और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से समाहरणालय में नियमित जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी (DM) शशांक शुभंकर ने समाहरणालय में पहुंचे दूर-दराज के अनेकों फरियादियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं पूरी तन्मयता के साथ सुनीं। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लगभग 50 से अधिक आमजनों ने अपनी-अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं।


भूमि विवाद, आवास और पेंशन योजना से जुड़ी प्रमुख शिकायतें

इस जनता दरबार में मुख्य रूप से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। प्राप्त आवेदनों में भूमि विवाद से जुड़े मामले, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभ, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतें, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, जमीन मुआवजा, आरटीपीएस सेवाएं और शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न विषय शामिल रहे। लोगों ने अपनी परेशानियों को विस्तार से डीएम के सामने रखा।


कई मामलों का हुआ ऑन-द-स्पॉट निवारण

फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कई ऐसे मामले थे जिनका मौके पर ही (ऑन-द-स्पॉट) त्वरित निष्पादन कर दिया गया, जिससे वहां पहुंचे कई फरियादियों को तुरंत राहत मिली और उनके चेहरे पर संतोष का भाव देखा गया।


समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता

जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने उपस्थित सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रत्येक विभागीय पदाधिकारी को जनता से जुड़े इन मामलों को प्राथमिकता स्तर पर लेना चाहिए और पूरी गंभीरता के साथ उनका समाधान करना चाहिए ताकि आम लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।


प्रशासनिक सक्रियता से जनता में बढ़ा विश्वास

जिला प्रशासन द्वारा लगातार इस प्रकार के जनता दरबार के आयोजन और मामलों के त्वरित निष्पादन से आम नागरिकों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। डीएम के इस सीधे संवाद और सख्त प्रशासनिक निर्देशों से यह तय माना जा रहा है कि विभागों में लंबित पड़े मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी और जनता की शिकायतों का समय पर निवारण हो सकेगा।


मनोज की रिपोर्ट