Police Transfer : भागलपुर पुलिस महकमें में फेरबदल, पांच पुलिस पदाधिकारियों का हुआ तबादला, नए थानों की मिली जिम्मेदारी

Police Transfer : भागलपुर जिले में पुलिस प्रशासन को लेकर जारी जिला आदेश के तहत पांच पुलिस पदाधिकारियों के पदस्थापन स्थल में बदलाव किया गया है। उन्हें नए थानों की जिम्मेवारी दी गयी है......पढ़िए आगे

Police Transfer : भागलपुर पुलिस महकमें में फेरबदल, पांच पुलि
पुलिस पदाधिकारियों का तबादला - फोटो : BALMUKUND

BHAGALPUR : जिले में पुलिस प्रशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए जारी जिला आदेश के तहत पांच पुलिस पदाधिकारियों के पदस्थापन स्थल में बड़ा बदलाव किया गया है। जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, वर्तमान पदस्थापन स्थल से स्थानांतरित करते हुए इन सभी पांचों पदाधिकारियों को अलग-अलग थानों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही, सभी संबंधित अधिकारियों को अपने नए पदस्थापन स्थल पर 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से योगदान देने का निर्देश दिया गया है।

इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत विभिन्न थानों में नए थानाध्यक्षों की तैनाती की गई है। नई सूची के अनुसार, गौतम कुमार को कजरैली थाना से स्थानांतरित कर बुद्धुचक थाना का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, प्रभात कुमार को कोतवाली थाना से हटाकर विश्वविद्यालय थाना की कमान सौंपी गई है, जबकि सुबेदार पासवान को तकनीकी शाखा से स्थानांतरित कर औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना का थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा, विनय कांत को गोराडीह थाना से स्थानांतरित कर एकचारी थाना का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है और मंटू कुमार को ईशाकचक थाना से हटाकर कजरैली थाना का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जगहों पर अपनी जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला आदेश में यह बेहद स्पष्ट किया गया है कि नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने से ठीक पहले संबंधित पुलिस पदाधिकारियों की पात्रता की बारीकी से जांच की जाएगी। इस जांच प्रक्रिया के तहत न्यायालय से दोषसिद्धि, किसी कांड के अनुसंधान के दौरान अभियुक्त घोषित किए जाने तथा नैतिक अधमता से जुड़े मामलों में चल रही विभागीय कार्रवाई जैसे गंभीर बिंदुओं को परखा जाएगा। नियमों के अनुसार, गंभीर सजा प्राप्त पुलिस पदाधिकारियों की थानाध्यक्ष या अंचल पुलिस निरीक्षक के पद पर तैनाती पर रोक से जुड़े प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस प्रशासनिक फेरबदल का मुख्य उद्देश्य जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना तथा थानों के कामकाज में पारदर्शिता लाना है।

बालमुकुन्द की रिपोर्ट