विक्रमशिला संकट पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, बेली ब्रिज निर्माण का आगाज, लौटेगी जिंदगी की रफ्तार
Vikramshila Bridge: भागलपुर और नवगछिया के लाखों लोगों के लिए आखिरकार राहत की किरण दिखाई देने लगी है।...
Vikramshila Bridge: भागलपुर और नवगछिया के लाखों लोगों के लिए आखिरकार राहत की किरण दिखाई देने लगी है। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद जो हालात पैदा हो गए थे, उससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया था। लेकिन अब प्रशासन ने हालात को पटरी पर लाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए अस्थायी बेली ब्रिज निर्माण का काम शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को पूरे धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल में इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। निर्माण स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और शंखनाद के बीच पुल निर्माण का श्रीगणेश हुआ। पंडितों ने विशेष पूजा कर निर्माण कार्य की सफलता और लोगों की सुरक्षा की कामना की।
इस दौरान अधिकारियों, इंजीनियरों, सुरक्षा बलों के जवानों और मजदूरों ने एक साथ पूजा में हिस्सा लिया। माहौल ऐसा था मानो सिर्फ पुल नहीं, बल्कि लोगों की टूटी उम्मीदों को भी फिर से जोड़ा जा रहा हो। पूजा के बाद सभी ने जल्द और सुरक्षित निर्माण पूरा करने का संकल्प लिया।
प्रशासन ने इस परियोजना को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। मौके पर भारी मशीनें, लोहे के ढांचे और निर्माण सामग्री पहले ही पहुंचा दी गई है। विशेष तकनीकी टीम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि सुरक्षा बल लगातार निगरानी में जुटे हुए हैं। दिन-रात काम जारी रखने की तैयारी है ताकि जल्द से जल्द लोगों को राहत मिल सके।
अधिकारियों का कहना है कि अगर मौसम ने साथ दिया तो अगले 15 से 20 दिनों के भीतर आवागमन बहाल किया जा सकता है। यही वजह है कि भागलपुर, नवगछिया और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच उम्मीद की नई लहर दौड़ गई है। विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, छात्रों और व्यापारियों को झेलनी पड़ रही थी। मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत हो रही थी, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी और व्यापारियों का कारोबार लगभग ठप पड़ गया था। रोजमर्रा की आवाजाही भी बुरी तरह बाधित हो चुकी थी।
अब बेली ब्रिज निर्माण शुरू होने से लोगों को भरोसा मिलने लगा है कि हालात जल्द सामान्य होंगे। स्थानीय लोग इसे सिर्फ पुल निर्माण नहीं, बल्कि इलाके की जीवनरेखा को दोबारा जिंदा करने की कोशिश मान रहे हैं। अगर निर्माण कार्य इसी रफ्तार से चलता रहा, तो आने वाले दिनों में विक्रमशिला संकट राहत की बड़ी खबर में बदल सकता है।
रिपोर्ट- अंजनी कुमार कश्यप