Bihar News : बेतिया में ड्राइवर के जरिए अवैध वसूली करना थानाध्यक्ष को पड़ा महंगा, वीडियो वायरल होने के बाद SP ने किया सस्पेंड

Bihar News : बेतिया में ड्राइवर के जरिए अवैध वसूली करना थाना

BETTIAH : बिहार के बेतिया में खाकी एक बार फिर दागदार हुई है। जिले के कंगली थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर उस वक्त गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब थानाध्यक्ष पर अपने निजी ड्राइवर के माध्यम से लाखों रुपये की अवैध वसूली करने का आरोप लगा। इस पूरे मामले का खुलासा एक वीडियो वायरल होने के बाद हुआ, जिसमें कथित तौर पर थानाध्यक्ष का ड्राइवर रिश्वत की रकम लेते हुए दिखाई दे रहा है। मामला तूल पकड़ते ही पुलिस मुख्यालय तक इसकी गूंज सुनाई देने लगी है।

घटना की पृष्ठभूमि एक सिलेंडर चोरी से जुड़े मामले से शुरू होती है। पीड़िता निर्मला देवी ने आरोप लगाया कि उनके पति प्रमेश कुमार की गिरफ्तारी के बाद कंगली थानाध्यक्ष ने उन्हें छोड़ने के बदले 4 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगी थी। मांग पूरी न होने पर थानाध्यक्ष ने प्रमेश को जेल भेज दिया। इसके अगले ही दिन थानाध्यक्ष का निजी ड्राइवर पीड़िता के घर पहुंचा और केस में मदद करने के साथ-साथ पुलिसिया कार्रवाई का डर दिखाकर 90 हजार रुपये की और मांग करने लगा।

निर्मला देवी ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने मजबूरी में थानाध्यक्ष के ड्राइवर को पहले 49 हजार रुपये नकद दिए, जिसका उन्होंने गुप्त रूप से वीडियो बना लिया। इसके बाद अगले दिन फिर से 31 हजार रुपये की अदायगी की गई। आरोप है कि थानाध्यक्ष का निजी ड्राइवर एक दलाल के रूप में सक्रिय था और पैसे नहीं देने वाले निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी जाती थी। इस अवैध वसूली नेटवर्क ने स्थानीय लोगों के बीच पुलिस के प्रति भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।

पति के जेल से छूटने के बाद पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए साक्ष्यों के साथ बेतिया पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. शौर्य सुमन और डीआईजी (DIG) हरकिशोर राय को लिखित आवेदन दिया। वायरल वीडियो और फोन कॉल के माध्यम से हुई बातचीत के सबूतों ने पुलिस विभाग के भीतर खलबली मचा दी। पीड़िता ने थानाध्यक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई, जिसके बाद एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन विभागीय जांच के आदेश दिए।

बेतिया एसपी डॉ. शौर्य सुमन द्वारा की गई त्वरित जांच में कंगली थानाध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। जांच रिपोर्ट में थानाध्यक्ष की संलिप्तता और लापरवाही की पुष्टि होने के बाद, एसपी ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया है। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई से जहां भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप है, वहीं पीड़िता ने पुलिस के उच्चाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है ताकि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

आशीष की रिपोर्ट