Bihar Flood News : चंपारण तटबंध का बांध टूटा, इलाके में मची अफरा-तफरी, मौके पर पहुंचे अधिकारी

Bihar Flood News : पश्चिमी चंपारण में बाढ़ और गंडक नदी के जलस्तर में उफान के बीच चंपारण तटबंध का एक हिस्सा टूट गया है। यह हादसा चखनी के खैरटवा इलाके के पास हुआ है,

Bihar Flood News : चंपारण तटबंध का बांध टूटा, इलाके में मची
चंपारण तटबंध का बांध टूटा- फोटो : NAGENDRA

BAGAHA : पश्चिमी चंपारण में बाढ़ और गंडक नदी के जलस्तर में उफान के बीच चंपारण तटबंध का एक हिस्सा टूट गया है। यह हादसा चखनी के खैरटवा इलाके के पास हुआ है, जहां गंडक नदी के बेहद तेज और भीषण प्रवाह के कारण बांध ताश के पत्तों की तरह ढह गया। बांध टूटने की इस घटना के बाद से ही आसपास के दर्जनों गांवों और रिहायशी इलाकों में पानी तेजी से प्रवेश करने लगा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों के बीच भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया है।

बाल्मीकिनगर बराज से छोड़ा गया रिकॉर्ड 5.43 लाख क्यूसेक पानी

बताया जा रहा है कि नेपाल और जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण सोमवार की सुबह बाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से रिकॉर्ड 5.43 लाख क्यूसेक पानी का भारी डिस्चार्ज किया गया। इतने बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने के कारण गंडक नदी अचानक विकराल रूप धारण कर चुकी थी। पानी के अत्यधिक दबाव और तेज बहाव को जर्जर पड़ा तटबंध सहन नहीं कर सका और आखिरकार खैरटवा के पास चंपारण तटबंध क्षतिग्रस्त होकर टूट गया।

जल संसाधन विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने

इस भीषण हादसे के बाद जल संसाधन विभाग की तैयारियों और मेंटेनेंस के दावों की हवा निकल गई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जल स्तर बढ़ने के बावजूद विभाग द्वारा समय रहते तटबंध की मजबूती और मरम्मत के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। विभाग की इस घोर लापरवाही का खामियाजा अब हजारों की आबादी को भुगतना पड़ रहा है, जिनके घरों में बाढ़ का पानी घुसने का खतरा मंडराने लगा है।

कार्यपालक अभियंता ने की पुष्टि, मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

मामले की गंभीरता और घटना की पुष्टि करते हुए जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता नेमी शरण ने बताया कि अत्यधिक जल दबाव के कारण तटबंध टूटा है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक और विभागीय अधिकारी आनन-फानन में दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। राहत और बचाव कार्य शुरू करने के साथ ही पानी के बहाव को रोकने और तटबंध की मरम्मत के लिए आपातकालीन कदम उठाए जा रहे हैं।

रिहायशी इलाकों पर मंडराया संकट, गांव खाली करने की नौबत

नदी का पानी लगातार नए इलाकों को अपनी चपेट में ले रहा है और तेजी से आबादी वाले क्षेत्रों की तरफ फैल रहा है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। लोग अपने मवेशियों और जरूरी सामानों के साथ सुरक्षित ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में माइकिंग कर लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दे रही हैं।

नागेन्द्र की रिपोर्ट