Bihar Crime: भोजपुर में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी की हत्या पर बवाल, सुरक्षा की गुहार के बाद भी क्यों नहीं मिली हिफाजत? मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला
Bihar Crime: सेवानिवृत्त कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की हत्या के मामले में अब तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ...
Bihar Crime: भोजपुर जिले के नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी मोहल्ले में सेवानिवृत्त कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की हत्या के मामले में अब तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ आरोपितों तक नहीं पहुंचने के बीच उनकी शीघ्र गिरफ्तारी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। इस हत्याकांड ने पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसी बीच रविवार को दिनारा के विधायक और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह मृतक रामकुमार सिंह के आवास पर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
परिजनों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक आलोक सिंह ने कहा कि उन्होंने इस गंभीर हत्याकांड से मुख्यमंत्री को अवगत करा दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।विधायक ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और हत्याकांड में शामिल लोगों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले में जिनकी भी भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर वह मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे।
दो महीने पहले मांगी थी सुरक्षा, फिर क्यों नहीं हुई कार्रवाई?
इस मामले में सबसे गंभीर सवाल रामकुमार सिंह की सुरक्षा को लेकर उठाया गया है। आलोक सिंह ने भोजपुर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना से करीब दो महीने पहले रामकुमार सिंह ने अपनी सुरक्षा के लिए गुहार लगाई थी। इसके बावजूद उन्हें सुरक्षा क्यों नहीं दी गई, इसकी जांच होनी चाहिए।उन्होंने सवाल किया कि सुरक्षा की मांग मिलने के बाद किन परिस्थितियों में कार्रवाई नहीं की गई। यह पता लगाना जरूरी है कि उनकी शिकायत पर क्या कदम उठाए गए थे और सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराने के पीछे क्या वजह रही।फिलहाल, आरोपितों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग पर हुई कार्रवाई को लेकर सवाल बने हुए हैं। परिजन और स्थानीय लोग जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद कर रहे हैं। अब मामले की जांच में पुलिस क्या कदम उठाती है और सुरक्षा संबंधी शिकायत की पड़ताल होती है या नहीं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
रिपोर्ट- आशीष कुमार