UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में जनरल-OBC के युवाओं का दबदबा, सामान्य कैटेगरी के उम्मीदवारों ने बजाया डंका, इतने युवाओं ने मारी बाजी

UPSC: इस बार सबसे ज्यादा सफलता सामान्य यानी जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को मिली है।....

UPSC 2025 General OBC Candidates Dominate the Results
UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में जनरल-OBC के युवाओं का दबदबा- फोटो : social Media

UPSC: देश की सबसे मुश्किल और प्रतिष्ठित परीक्षा मानी जाने वाली यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट आ गया है। इस बार कुल 958 उम्मीदवारों को अलग-अलग सरकारी सेवाओं के लिए चुना गया है। रिजल्ट आते ही हजारों घरों में खुशी का माहौल है, तो कहीं मेहनत और सब्र की लंबी कहानी आज कामयाबी में बदल गई है।

 इस बार सबसे ज्यादा सफलता सामान्य यानी जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को मिली है। कुल 317 उम्मीदवार जनरल कैटेगरी से सेलेक्ट हुए हैं। वहीं ओबीसी कैटेगरी के युवाओं ने भी शानदार प्रदर्शन किया है और 306 उम्मीदवारों ने बाज़ी मार ली। इसके अलावा एससी कैटेगरी से 158 और एसटी कैटेगरी से 73 उम्मीदवारों को कामयाबी मिली है।

ईडब्ल्यूएस यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से 104 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। खास बात यह भी है कि कुल 958 सफल उम्मीदवारों में 42 दिव्यांग यानी PwBD श्रेणी के उम्मीदवार भी शामिल हैं।

अब सवाल यह है कि इन युवाओं को कौन-कौन सी सेवाएं मिलेंगी। सरकार ने कुल 1087 पदों के लिए भर्ती निकाली थी। इनमें से अभी 958 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई है। अलग-अलग सेवाओं के लिए पद भी तय हैं।

सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली भारतीय प्रशासनिक सेवा  के लिए 180 पद हैं। वहीं भारतीय विदेश सेवा के लिए 55 पद और भारतीय पुलिस सेवा के लिए 150 पद तय किए गए हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार की ग्रुप-A सेवाओं के लिए 507 पद और ग्रुप-B सेवाओं के लिए 195 पद रखे गए हैं।

हालांकि अभी भी कुछ उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह फाइनल नहीं माना गया है। करीब 348 उम्मीदवारों का चयन प्रोविजनल यानी अस्थायी रखा गया है। उनके दस्तावेजों की जांच और बाकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम फैसला होगा। इसके अलावा दो उम्मीदवारों का रिजल्ट फिलहाल रोक दिया गया है।

इस परीक्षा की लिखित परीक्षा अगस्त 2025 में हुई थी, जबकि इंटरव्यू दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच लिए गए थे। कुल मिलाकर इस बार का रिजल्ट यह दिखाता है कि मेहनत, धैर्य और लगातार कोशिश करने वाले युवाओं के लिए मंजिल दूर नहीं होती। आज 958 घरों में जश्न है और नए अफसर बनने का सपना हकीकत में बदल गया है।