CJP प्रोटेस्ट में गुंडागर्दी करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन शुरू

स्वतंत्र भारद्वाज ने दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा को अपना ‘बड़े भैया’ बताते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपना ‘बड़े भाई’ बताया और कहा कि उसे सभी का समर्थन हासिल है।

Swatantrata Bhardwaj
Swatantrata Bhardwaj - फोटो : news4nation

Swatantrata Bhardwaj : स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा कथित तौर पर  निशु आजाद के पिता से मारपीट की बात कबूल किए जाने के बाद पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली में संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन शुरू हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास, सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत पार्टी के अन्य नेता शुक्रवार को संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने निशु आजाद और उनके पिता संजय के मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने और एससी/एसटी एक्ट लगाने की मांग की। मामला 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन से जुड़ा है।  


स्वतंत्र भारद्वाज ने पॉडकास्ट में क्या कहा?

मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब स्वतंत्र भारद्वाज ने पॉडकास्ट होस्ट नेहा सिंह राठौर के साथ बातचीत में कथित तौर पर इस घटना का जिक्र किया। उसने दावा किया कि मारपीट के बाद भी उसे जेल नहीं जाना पड़ा और वह अगले दिन ही बाहर था। भारद्वाज ने कहा कि संजय के सिर में सात टांके लगे थे और उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया था। उसने यह भी दावा किया कि निशु अपने पिता को न्याय नहीं मिलने पर पुलिस स्टेशन के बाहर जहर खाने की धमकी दे रही थीं। इसके बावजूद, भारद्वाज के मुताबिक, वह अगले दिन जेल में नहीं था और रातभर दिल्ली में खुलेआम घूमता रहा।


उसने दावा किया कि पुलिस अधिकारियों को मंत्री कपिल मिश्रा की ओर से फोन आया था, जिसके बाद उसे जेल नहीं भेजा गया। भारद्वाज ने कपिल मिश्रा को अपना ‘बड़े भैया’ बताते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपना ‘बड़े भाई’ बताया और कहा कि उसे सभी का समर्थन हासिल है। पॉडकास्ट के दौरान भारद्वाज ने मुस्लिम समुदाय के लिए आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया और ‘मुल्ला मुक्त भारत’ की बात कही। उसने कथित तौर पर ‘जिहाद’ से जुड़े कई आपत्तिजनक दावे भी किए।


राहुल गांधी ने किया निशु का समर्थन

इस पूरे मामले पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने निशु आजाद के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि निशु को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह अपने समुदाय और छात्रों के अधिकारों की आवाज उठा रही हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर छात्रों के साथ कथित बर्बरता और दूसरी ओर दलित लड़की के पिता पर हमला करने वाले व्यक्ति के खुलेआम घूमने का आरोप लगाया।


राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि ऐसे आरोपी को संरक्षण क्यों मिल रहा है और पूछा कि अब कार्रवाई होगी या किसी को बचाया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि निशु की लड़ाई अकेली नहीं है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। पोस्ट के अंत में उन्होंने ‘जय भीम, जय संविधान’ लिखा।


CJP ने की हत्या का मामला दर्ज करने की मांग

संसद मार्ग थाने पहुंचे CJP सह-संयोजक आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने कथित तौर पर हिंसा की और संजय को पीटा गया। उन्होंने कहा कि संगठन लगातार पुलिस से कार्रवाई की मांग करता रहा है, लेकिन अपेक्षित धाराएं नहीं जोड़ी गईं। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि निशु शुरुआत से ही प्रदर्शन से जुड़ी रही हैं और उनके पिता भी उनके साथ आते थे। संगठन का आरोप है कि मामले में जातिगत पहलू भी है, क्योंकि पीड़ित परिवार दलित समुदाय से है। CJP ने पुलिस से मामले में हत्या के प्रयास की धाराएं जोड़ने और एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है।


प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्वतंत्र भारद्वाज के कबूलनामे के बाद पुलिस के सामने अब कार्रवाई का स्पष्ट आधार है। इसी मांग को लेकर शुक्रवार को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया गया और आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई गई।