पीएम मोदी के काफिले के रूट के पास मिला जिलेटिन से भरा बैग, मचा कोहराम, सुरक्षा अलर्ट हाई

Gelatin
Gelatin- फोटो : news4nation

Gelatin :  बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आ गईं। शहर के बाहरी इलाके कग्गलीपुरा के पास थाथागुनी क्षेत्र में एक संदिग्ध बैग मिलने से हड़कंप मच गया। जांच के दौरान बैग से जिलेटिन की छड़ें बरामद हुईं। प्रधानमंत्री रविवार को आर्ट ऑफ़ लिविंग फाउंडेशन के 45 वर्ष पूरे होने और इसके संस्थापक श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने बेंगलुरु पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि जिस इलाके में संदिग्ध बैग मिला, वह प्रधानमंत्री के संभावित काफिले के मार्ग के करीब था।


सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे लावारिस बैग देख पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचा। जांच में बैग के अंदर जिलेटिन की छड़ें मिलने की पुष्टि हुई। फिलहाल इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया गया और विस्फोटक सामग्री को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।


पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि बैग वहां रखने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके। शुरुआती जांच में यह भी देखा जा रहा है कि जिलेटिन की छड़ें खनन या निर्माण कार्य में इस्तेमाल के लिए लाई गई थीं या इसके पीछे कोई साजिश थी। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक किसी आतंकी साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। मामले की जांच कई एजेंसियां मिलकर कर रही हैं।

क्या है जिलेटिन

Gelignite या आम बोलचाल में “जिलेटिन की छड़ें” एक प्रकार का विस्फोटक पदार्थ होता है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से खनन, सड़क निर्माण, पहाड़ तोड़ने और बड़े निर्माण कार्यों में किया जाता है। यह आमतौर पर सिलेंडर जैसी छड़ के आकार में पैक होता है, इसलिए इसे “जिलेटिन स्टिक” कहा जाता है। इनमें विस्फोटक रसायनों का मिश्रण होता है। पारंपरिक रूप से इसमें नाइट्रोग्लिसरीन, अमोनियम नाइट्रेट, लकड़ी का गूदा और अन्य रासायनिक पदार्थ शामिल हो सकते हैं। आधुनिक औद्योगिक जिलेटिन में संरचना कंपनी और उपयोग के अनुसार अलग-अलग होती है।


कितनी खतरनाक होती हैं?

ये अत्यधिक विस्फोटक मानी जाती हैं। सही तरीके से स्टोर न करने पर बड़ा हादसा हो सकता है। इन्हें फोड़ने के लिए आमतौर पर डेटोनेटर की जरूरत होती है। अवैध इस्तेमाल होने पर सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीर खतरे के रूप में देखती हैं। भारत में जिलेटिन स्टिक का उपयोग लाइसेंस और सख्त नियमों के तहत ही किया जा सकता है। खनन और निर्माण कंपनियां इन्हें अधिकृत अनुमति के बाद इस्तेमाल करती हैं।