रोडवेज चालक ने पेश की बहादुरी की मिसाल: ब्रेक फेल होने पर पहाड़ी से टकराई बस, 34 यात्रियों को बचाकर खुद गंवाई जान

देवभूमि उत्तराखंड से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने न सिर्फ सबको झकझोर कर रख दिया है, बल्कि एक जांबाज बस चालक की शहादत को हर कोई नमन कर रहा है....

रोडवेज चालक ने पेश की बहादुरी की मिसाल: ब्रेक फेल होने पर पह
ढलान पर अचानक फेल हुआ ब्रेक, चालक ने यात्रियों को बचाकर खुद गंवाई जान- फोटो : न्यूज4नेशन

Uttrakhand : उत्तराखंड के चंपावत जिले में बुधवार सुबह एक बड़ा और दर्दनाक सड़क हादसा होने से टल गया। यहां उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) के एक कर्तव्यनिष्ठ बस चालक ने अपनी अदम्य सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए बस में सवार 34 यात्रियों को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन इस आत्मघाती प्रयास में उन्होंने खुद अपनी जान गंवा दी। यह ह्रदय विदारक घटना सुबह करीब 10 बजे ऑल वेदर रोड पर मरोड़ाखान के समीप घटित हुई, जिसके बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।


ढलान पर अचानक फेल हुए ब्रेक, यात्रियों की जान देख चालक ने लिया बड़ा फैसला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड परिवहन निगम की यह बदकिस्मत बस धारचूला से टनकपुर की ओर जा रही थी। जैसे ही बस ऑल वेदर रोड के एक तीव्र ढलान वाले हिस्से पर पहुंची, अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए। पर्वतीय रास्ते और तेज ढलान के कारण बस अनियंत्रित होकर खाई की तरफ बढ़ने लगी, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। यात्रियों की जान को सीधे खतरे में देख 49 वर्षीय जांबाज चालक बेनीराम थ्वाल ने बिना वक्त गंवाए एक बड़ा और साहसिक फैसला लिया।


खाई के बजाय बस को पहाड़ी की तरफ मोड़ा, खुद पहिये के नीचे आने से हुई मौत

चालक बेनीराम ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को गहरी खाई में गिरने से बचाने के लिए सड़क किनारे बनी पहाड़ी की तरफ मोड़ दिया। तेज गति से आ रही बस जैसे ही पहाड़ी की दीवार से टकराई, वह वहीं रुक गई और एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। हालांकि, इस भयानक टक्कर के जोरदार झटके के कारण चालक बेनीराम थ्वाल बस का स्टेयरिंग छोड़ छिटककर बाहर की ओर जा गिरे और दुर्भाग्यवश बस के अगले पहिये की चपेट में आ गए। इसके चलते मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।


सभी 34 यात्री पूरी तरह सुरक्षित, केवल एक महिला को आई मामूली चोटें

स्थानीय पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस प्रशासन के अनुसार, बस में सवार सभी 34 यात्री इस भयानक हादसे में पूरी तरह सुरक्षित बच गए हैं। केवल एक महिला यात्री को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी लोहाघाट उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार सुचारू रूप से चल रहा है। सभी यात्रियों ने रोते हुए अपनी जान बचाने वाले देवदूत चालक बेनीराम के प्रति आभार व्यक्त किया।


पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर, जांबाज बेनीराम को लोग बता रहे 'सच्चा नायक'

उत्तराखंड परिवहन निगम, टनकपुर मंडल के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) सुरेश पांडे ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि चालक ने अपनी जान की परवाह न करते हुए दर्जनों जिंदगियां बचाई हैं। इस सर्वोच्च बलिदान के बाद जहां एक ओर बेनीराम थ्वाल के परिवार, सहकर्मियों और रोडवेज विभाग में मातम पसरा है, वहीं दूसरी ओर उनकी वीरता की चर्चा पूरे राज्य में हो रही है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने बेनीराम को एक 'सच्चा नायक' और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही बताते हुए सरकार से उनके पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है।