ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे हादसा: गंगा से निकाले गए चारों शवों की हुई पहचान, क्रेन से बाहर निकाली गई डूबी हुई इनोवा कार

उत्तराखंड के ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को हुए दिल दहला देने वाले कार हादसे से जुड़ी इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। गंगा नदी से बरामद किए गए चारों शवों की शिनाख्त कर ली गई है,

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे हादसा: गंगा से निकाले गए चारों शवों की
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे हादसा- फोटो : न्यूज4नेशन

Uttrakhand : ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद बुधवार को पुलिस और प्रशासन की टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। देवप्रयाग कोतवाल प्रशांत बहुगुणा ने बताया कि हादसे के बाद गंगा नदी से बरामद किए गए चारों शवों की आधिकारिक पहचान कर ली गई है। देवप्रयाग पहुंचे बदहवास परिजनों ने मृतकों की शिनाख्त डॉ. दिनेश पंवार (27 वर्ष), उनकी माता कमला देवी (62 वर्ष) और अश्लेषा (22 वर्ष) के रूप में की है। ये सभी मृतक दरिया नाथ की बावड़ी, जैसलमेर (राजस्थान) के निवासी थे। वहीं, कार चालक की पहचान अमित गुप्ता (32 वर्ष), निवासी लक्सर (हरिद्वार) के तौर पर हुई है।


श्रीनगर बेस अस्पताल में हुआ पोस्टमार्टम, परिजनों में मचा कोहराम

हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया और परिजन तुरंत उत्तराखंड के देवप्रयाग पहुंचे। पुलिस प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए सभी चारों शवों का श्रीनगर बेस अस्पताल में पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम करवाया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद बुधवार को पुलिस ने चारों शव उनके शोकाकुल और रोते-बिलखते परिजनों को सौंप दिए हैं। एक ही परिवार के तीन लोगों की असमय मौत से जैसलमेर से लेकर देवप्रयाग तक का माहौल बेहद गमगीन है।


तेज धारा के बीच क्रेन की मदद से बाहर निकाली गई कार, अंदर नहीं मिला कोई शव

इधर, बुधवार सुबह से ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय रेस्क्यू टीम ने दुर्घटनास्थल पर अपना अभियान दोबारा शुरू किया। गंगा नदी की बेहद तेज और ठंडी धारा के बीच कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार डूबी हुई इनोवा कार को एक विशाल क्रेन की मदद से पानी से बाहर निकाल लिया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, क्रेन से बाहर निकाली गई कार के भीतर कोई भी शव या अवशेष फंसा हुआ नहीं मिला है। कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है।


12 वर्षीय आयुष्मान खतरे से बाहर, तीन महिलाएं अब भी गंगा की लहरों में लापता

इस भीषण और खौफनाक हादसे में 12 वर्षीय बालक आयुष्मान की जान चमत्कारिक रूप से बच गई थी, जो वर्तमान में सुरक्षित है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। हालांकि, कार में सवार तीन अन्य महिलाएं—गुड्डी देवी, जाह्नवी और नम्रता अब भी लापता हैं। कार के अंदर किसी का शव न मिलने के बाद अब इस बात की आशंका बढ़ गई है कि तीनों महिलाएं नदी के तेज बहाव में आगे बह गई हैं।


जल पुलिस और एसडीआरएफ का डीप डाइविंग सर्च ऑपरेशन तेज

लापता महिलाओं को ढूंढने के लिए एसडीआरएफ (SDRF), जल पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की टीमों ने दुर्घटनास्थल के समीप और उसके आस-पास गंगा में 'डीप डाइविंग' (गहरे पानी में उतरकर) के जरिए अपना सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया है। रेस्क्यू टीमें राफ्ट के सहारे उफनती गंगा की लहरों के बीच लगातार तीनों लापता महिलाओं की तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस का कहना है कि जब तक तीनों महिलाओं का कोई सुराग नहीं मिल जाता, तब तक यह खोजी अभियान लगातार जारी रहेगा।