चारधाम यात्रा 2026: केदारनाथ-बद्रीनाथ जाने से पहले देख लें IMD का अलर्ट, जानें कब साफ रहेगा मौसम

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के आगाज़ के साथ ही कुदरत के तेवर बदलने लगे हैं। मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी को देखते हुए यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

Snowfall in Kedarnath and Badrinath route April 2026
केदारनाथ-बद्रीनाथ जाने से पहले देख लें IMD का अलर्ट- फोटो : news 4 nation

उत्तराखंड में 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज़ हो गया है। जहाँ एक ओर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी कर चिंता बढ़ा दी है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है, जिससे पैदल रास्तों और ठिठुरन भरी ठंड ने यात्रियों की चुनौती बढ़ा दी है।


इन जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी

मौसम विभाग (IMD) ने आज राज्य के 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग सहित कई पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश के साथ ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की संभावना है। साथ ही, कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने के भी आसार जताए गए हैं। हालांकि, राजधानी देहरादून और हरिद्वार जैसे मैदानी इलाकों में मौसम तुलनात्मक रूप से साफ रहेगा, लेकिन वहां आने वाले दिनों में गर्मी का प्रकोप बढ़ने की उम्मीद है।


कब जाना रहेगा सही? जानें मौसम का शेड्यूल

श्रद्धालुओं के लिए राहत की बात यह है कि 22 और 23 अप्रैल को मौसम साफ रहने का अनुमान है। संयोग से केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल को और बद्रीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को खुल रहे हैं, ऐसे में इन दो दिनों में दर्शन करना सुखद रह सकता है। लेकिन सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि 25 अप्रैल से मौसम एक बार फिर 'यू-टर्न' लेगा और पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश व बर्फबारी का दौर दोबारा शुरू हो सकता है।


यात्रियों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी

पहाड़ी रास्तों की सीमित क्षमता और अचानक होने वाले भूस्खलन के खतरों को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों को सतर्क रहने को कहा है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाएं जरूर रखें। विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा अपडेट जरूर लें। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि खराब मौसम के दौरान भी श्रद्धालुओं को कम से कम असुविधा हो।