फर्जी IAS के बाद अब फर्जी IPS का आतंक, एनकाउंटर की धमकी देकर मांगता था रंगदारी, व्यापारियों और डॉक्टरों को बनाया शिकार
गोरखपुर में एक बार फिर फर्जी अधिकारी का आतंक सामने आया है। खुद को आईपीएस बताकर व्यापारियों से रंगदारी मांगने और मासूम का अपहरण करने वाले शनि शर्मा को पुलिस ने फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार कर लिया है।
Gorakhpur - फर्जी आईएएस ललित किशोर की यादें अभी ताज़ा ही थीं, जिसने चार लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाया था, कि अब गोरखपुर पुलिस ने शनि शर्मा नाम के एक फर्जी आईपीएस को दबोचा है। पीपीगंज निवासी शनि शर्मा पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को आईपीएस अधिकारी बताता था और रसूख का डर दिखाकर लोगों से अवैध वसूली करता था। हाल ही में उसने एक कपड़ा व्यवसायी से 2 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और पैसे न देने पर एनकाउंटर की धमकी तक दे डाली।
डॉक्टरों से वसूली और पहली पत्नी का उत्पीड़न
पुलिस जांच में पता चला है कि शनि शर्मा का शिकार केवल व्यापारी ही नहीं, बल्कि डॉक्टर भी थे। उसने एक डॉक्टर से रंगदारी के साथ-साथ मुफ्त दवाओं की भी मांग की थी। उसकी आपराधिक कुंडली यहीं खत्म नहीं होती; उसकी पहली पत्नी पूजा ने उसके खिलाफ महिला थाने में दहेज उत्पीड़न और मारपीट का मामला दर्ज कराया था। पूजा का आरोप था कि शनि शराब पीकर मारपीट करता था और उसके अन्य महिलाओं से भी संबंध थे।
छात्रा का अपहरण और मासूम को बंधक बनाकर फिरौती
पहली पत्नी द्वारा केस दर्ज कराए जाने के बाद आरोपी बीए की एक छात्रा को लेकर फरार हो गया था। रिश्तों के इस उलझे हुए ताने-बाने के बीच, शनि ने बदला लेने के लिए अपनी ही साली के मासूम बेटे अगस्तय का दिसंबर 2024 में अपहरण कर लिया और नेपाल भाग गया। उसने बच्चे को छोड़ने के बदले अपनी पहली पत्नी के सामने शर्त रखी कि वह दर्ज मुकदमे वापस ले, दूसरी पत्नी के शैक्षणिक प्रमाण पत्र और गहने लौटाए।
पुलिस का 'हनीट्रैप' और गिरफ्तारी
गोरखपुर पुलिस ने शनि को पकड़ने के लिए उसकी पहली पत्नी का सहारा लिया। पुलिस ने पूजा के जरिए शनि को कॉल करवाया और उसे गहने व दस्तावेज देने के लालच में उलझाया। जैसे ही शनि बातों में फंसा, सर्विलांस की मदद से पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रैक की और उसे धर दबोचा। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसकी दूसरी पत्नी अमृता घर में ताला बंद कर फरार हो गई है।
खुल रही है पाप की कुंडली
जेल भेजने के बाद पुलिस अब शनि शर्मा के अन्य कारनामों की जांच कर रही है। पीपीगंज के संदीप सिंह की तहरीर पर ताजा कार्रवाई हुई है, लेकिन अब कई अन्य लोग भी सामने आ रहे हैं जिनसे इस फर्जी आईपीएस ने ठगी की है। पुलिस आरोपी के मोबाइल और संपर्क सूत्रों को खंगाल रही है ताकि उसके पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।