रांची में थमता नहीं दिख रहा छात्र आंदोलन: 18 अगस्त तक अल्टीमेटम, मांगें न मानने पर 20 को सीएम आवास घेराव का ऐलान

झारखंड की राजधानी रांची में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के तेवर फिलहाल नरम पड़ते नहीं दिख रहे हैं। छात्रों ने सरकार को ठोस पहले के लिए 18 अगस्त तक समय दिया है.....

रांची में थमता नहीं दिख रहा छात्र आंदोलन: 18 अगस्त तक अल्टीम
रांची में थमता नहीं दिख रहा छात्र आंदोलन- फोटो : न्यूज4नेशन

Ranchi : राजधानी रांची में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत छात्रों के तेवर लगातार तीखे बने हुए हैं। छात्रों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 18 अगस्त तक उनकी मांगों पर ठोस और सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो 20 अगस्त को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री आवास का घेराव हर हाल में किया जाएगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अब तक हुई बातचीत पूरी तरह अनौपचारिक थी और सरकार की ओर से वार्ता के लिए कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं मिला है।


धरनास्थल पर हालचाल जानने पहुंचे एडीएम और एसडीएम 

रविवार को स्थिति और छात्रों की सेहत का जायजा लेने के लिए रांची के एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) और एसडीएम कुमार रजत धरनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। अधिकारियों के पहुंचने पर चर्चा शुरू हुई कि शायद शासन स्तर से कोई संदेश आया है, लेकिन बातचीत के बाद छात्रों ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों की यह यात्रा केवल हालचाल जानने और कानून-व्यवस्था की समीक्षा तक ही सीमित थी।


प्रशासन की ओर से नहीं मिला औपचारिक वार्ता का प्रस्ताव 

मुलाकात के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने मीडिया को बताया कि अधिकारियों ने भी यह साफ कर दिया है कि वे सरकार की तरफ से किसी बैठक या वार्ता की तारीख का औपचारिक प्रस्ताव लेकर नहीं आए थे। ऐसे में छात्रों का कहना है कि जब तक कोई लिखित या आधिकारिक पहल नहीं होती, तब तक उनकी आंदोलनकारी रणनीति में किसी भी तरह के बदलाव का सवाल ही पैदा नहीं होता।


मंगलवार को होगा पुतला दहनतय समय पर चलेंगे सारे कार्यक्रम 

छात्र नेताओं ने दोहराया कि आंदोलन के तहत निर्धारित सभी विरोध प्रदर्शन अपने समय पर होंगे। मंगलवार को घोषित पुतला दहन का कार्यक्रम पूर्ववत आयोजित किया जाएगा। अधिकारियों से हुई अनौपचारिक बातचीत का इस पर कोई असर नहीं पड़ा है। छात्रों का कहना है कि सरकार के पास समाधान निकालने के लिए अभी 18 अगस्त तक का समय शेष है, यदि इस दौरान ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और उग्र होगा।


प्रशासन के लिए बढ़ी चुनौतीसंवादहीनता से बिगड़ा माहौल 

धरनास्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों की बार-बार मौजूदगी यह दर्शाती है कि शासन-प्रशासन पूरी स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है। हालांकि, औपचारिक बातचीत का दौर शुरू न होने से 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम प्रशासन के लिए बड़ी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की चुनौती बन सकता है। फिलहाल छात्र अपनी मांगों और रणनीति पर पूरी तरह से अड़े हुए हैं।


ब्यूरो रिपोर्ट