JPSC परीक्षा में कथित धांधली पर बोले सीएम : 'हम सीना चीर कर तो नहीं दिखा सकते, लेकिन युवाओं को न्याय मिलकर रहेगा'
JPSC की परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में रांची में बीते कई दिनों से जारी आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि संवैधानिक दायरे के तहत मेरे युवा साथियों को न्याय मिलकर रहेगा....
Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में अभ्यर्थियों के लगातार जारी आंदोलन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहली बार अपनी बात रखी है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी सरकार राज्य के सभी नागरिकों और युवाओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं और दोषी कोई भी हो, युवाओं को न्याय जरूर मिलेगा।
'हम जिस चीज के पीछे पड़ते हैं, उसे ठीक करके ही दम लेते हैं'
सोशल मीडिया पर अपने बयान का वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री सोरेन ने लिखा कि यह न्याय करने वाली और संवेदनशील सरकार है। उन्होंने वीडियो में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, "आपको पता है कि इस सरकार के पास आंख भी हैं, कान भी हैं और संवेदनशीलता भी। हम कितनी गंभीरता के साथ जांच कर रहे हैं, यह मैं सीना चीर कर तो नहीं दिखा सकता, लेकिन हमारी खासियत है कि हम जिस चीज के पीछे पड़ते हैं, उसे पूरी तरह ठीक करके ही दम लेते हैं। संवैधानिक दायरे के तहत मेरे युवा साथियों को न्याय मिलकर रहेगा।"
जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जांच एजेंसियां धांधली के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी किसी तरह की गलती हुई है, उसकी गहन जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट और सभी तथ्य सामने आने के बाद सरकार उचित समय पर कड़े फैसले लेगी। सोरेन ने विश्वास जताया कि सरकार की इस गंभीरता और त्वरित जांच प्रक्रिया से प्रदर्शनकारी छात्र आश्वस्त होंगे।
29 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरना
बता दें कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब JPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थी अपना आंदोलन तेज कर चुके हैं। अभ्यर्थी बीते 29 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि JPSC परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की जांच झारखंड से बाहर के किसी उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की स्वतंत्र समिति से कराई जाए।
सीबीआई, ईडी और न्यायिक जांच की मांग पर अड़े अभ्यर्थी
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार ने इस मामले को केवल सीआईडी (CID) को सौंपकर इसे रफा-दफा करने का प्रयास किया है। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन का आरोप लगाते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने की मांग दोहराई है। वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि वह हर पहलू की पारदर्शी जांच करा रही है और युवाओं के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।