Bihar Education News: श्मशान में ज्ञान का उजियारा,केंद्रीय मंत्री ने संभाली बच्चों की क्लास, डॉक्टर-सांसद के बाद अब शिक्षक के रूप में दिखे मंत्री

Bihar Education News:जिस मुक्तिधाम में अक्सर लोग जाने से कतराते हैं, वहाँ आज शिक्षा की ऐसी अलख जगी कि...

Muzaffarpur Union Minister Turns Teacher at Cremation Ground
श्मशान के पाठशाला में मंत्री बने शिक्षक- फोटो : reporter

Bihar Education News:जिस मुक्तिधाम में अक्सर लोग जाने से कतराते हैं, वहाँ आज शिक्षा की ऐसी अलख जगी कि खुद केंद्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद वहां पहुंचकर बच्चों को पढ़ाने लगे।मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर मुक्तिधाम से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान भी किया और प्रेरित भी। सिकंदरपुर मुक्तिधाम परिसर में सुमित कुमार द्वारा अप्पन पाठशाला का संचालन किया जा रहा है, जो गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का एक बड़ा जरिया बन चुका है। आज इस पाठशाला में एक विशेष अतिथि पहुंचे। केंद्रीय मंत्री डॉ. राजभूषण निषाद ने अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर न सिर्फ बच्चों के बीच वक्त बिताया, बल्कि एक शिक्षक की भूमिका निभाते हुए 7वीं, 8वीं और 10वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को गणित और भौतिक विज्ञान के कठिन पाठ बहुत ही सहजता से पढ़ाए।

डॉ. राजभूषण निषाद की यह भूमिका लोगों के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं थी। पेशे से डॉक्टर रहे डॉ. निषाद का सफर राजनीति की गलियों से होता हुआ अब केंद्र सरकार के मंत्री पद तक पहुंचा है। जब उन्होंने अपने पुराने 'शिक्षक' वाले अंदाज में छात्रों से संवाद किया और उनसे विषय से जुड़े प्रश्न पूछे, तो बच्चे भी मंत्रमुग्ध हो गए। इस दौरान उन्होंने बच्चों के बीच पठन-पाठन सामग्री का वितरण भी किया।

मंत्री ने इस अनोखी पाठशाला के संस्थापक सुमित कुमार की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मुक्तिधाम जैसे स्थान पर शिक्षा का यह दीप जलाना बहुत बड़ी हिम्मत और सेवा का काम है। इस दौरान उन्होंने संस्थान की दो होनहार छात्राओं माही कुमारी और निशा कुमारी की विशेष तारीफ की, जिन्होंने 10वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाकर पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।

मंत्री ने इस संस्थान को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक सुखद अनुभव है। मुजफ्फरपुर के इस मुक्तिधाम में चल रही पाठशाला अब यह संदेश दे रही है कि शिक्षा का कोई स्थान या समय नहीं होता, बस उसे देने का जज्बा चाहिए। डॉ. राजभूषण निषाद का यह शिक्षक रूप राजनीति से हटकर एक मानवीय चेहरा पेश कर गया।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा