Bihar Coaching Policy: कोचिंग माफिया पर सरकार का शिकंजा, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का ऐलान-नई नीति में तय होंगे नियम, हर संस्थान आएगा कानून के दायरे में
Bihar Coaching Policy: बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने निजी कोचिंग संस्थानों को लेकर बड़ा सियासी और प्रशासनिक संकेत दिया है।
Bihar Coaching Policy: बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने निजी कोचिंग संस्थानों को लेकर बड़ा सियासी और प्रशासनिक संकेत दिया है। गोपालगंज दौरे पर पहुंचे शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही नई और प्रभावी कोचिंग नीति लागू करने जा रही है। इस नीति के जरिए निजी कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर लगाम लगाने और पूरे सिस्टम को पारदर्शी बनाने की तैयारी है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार में चल रहे निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए सरकार व्यापक स्तर पर काम कर रही है। विभाग ने नई नीति तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और देश के दूसरे राज्यों में लागू कोचिंग नीतियों का भी अध्ययन किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि खास तौर पर राजस्थान सरकार की वर्ष 2025 में लागू की गई कोचिंग नीति के प्रावधानों का अध्ययन किया जा रहा है। वहां के बेहतर नियमों को बिहार की जरूरतों के मुताबिक नई नीति में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा शिक्षा विभाग ने भी अपने स्तर पर कई अहम सुझाव और प्रारूप तैयार किए हैं।
मंत्री ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ नियम-कायदे बनाना नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिससे छात्रों के हित सुरक्षित रहें, कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही तय हो और शिक्षा के नाम पर होने वाली मनमानी पर रोक लग सके।नई कोचिंग नीति के तहत निजी संस्थानों के लिए मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट यानी आदर्श आचार संहिता लागू करने की तैयारी है। इसका पालन सभी कोचिंग संस्थानों के लिए अनिवार्य होगा। इसमें छात्रों की सुरक्षा, बेहतर शैक्षणिक माहौल, आवश्यक सुविधाएं और संस्थानों की जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने साफ कहा कि बिहार में संचालित सभी निजी कोचिंग संस्थानों को अब कानून के दायरे में लाया जाएगा। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि छात्रों और अभिभावकों के हितों से किसी भी तरह का खिलवाड़ न हो।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है और अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर नई कोचिंग नीति लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के इस फैसले के बाद निजी कोचिंग संस्थानों में हलचल तेज हो गई है।
रिपोर्ट- नमोनाराण मिश्रा