Bihar Teacher News: फर्जी डिग्री कांड में 16 शिक्षकों पर गिरी गाज, शिक्षा विभाग ने किया संवा मुक्त, वेतन रिकवरी का भी फरमान
Bihar Teacher News: बिहार शिक्षा विभाग में उस वक्त हलचल मच गई, जब फर्जी प्रमाण-पत्र के सहारे नौकरी कर रहे 16 शिक्षकों का राजफाश हो गया। ...
Bihar Teacher News: बिहार शिक्षा विभाग में उस वक्त हलचल मच गई, जब फर्जी प्रमाण-पत्र के सहारे नौकरी कर रहे 16 शिक्षकों का राजफाश हो गया। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना कैम्प कार्यालय की तहकीकात में इन शिक्षकों के शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक दस्तावेज जाली पाए गए। इसके बाद संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कर कानून का शिकंजा कस दिया गया है।
मधुबनी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने तमाम प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-सदस्य सचिव और पंचायत सचिवों को सख्त लहजे में आदेश जारी करते हुए कहा है कि इन शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोका जाए, सेवा समाप्त की जाए और अब तक मिली पूरी तनख्वाह की एकमुश्त वसूली सुनिश्चित की जाए। एक हफ्ते के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने का हुक्म दिया गया है। आदेश की अवहेलना पर संबंधित अफसरों की जवाबदेही तय होगी।
जिला शिक्षा पदाधिकारी अक्षय कुमार पांडेय ने पुष्टि की कि फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर बहाल शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और अब सेवामुक्ति के साथ रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
छह प्रखंड-पंडौल, फुलपरास, अंधराठाढ़ी, रहिका, बेनीपट्टी और बाबूबरही में यह कार्रवाई हुई है। पंडौल, फुलपरास, अंधराठाढ़ी और रुद्रपुर थानों में अलग-अलग कांड संख्या के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बाबूबरही थाना में भी चार शिक्षकों के खिलाफ मामला कायम हुआ है। रहिका और बेनीपट्टी के दो पंचायत शिक्षक भी जांच के दायरे में आए हैं।
सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई महज शुरुआत है। निगरानी ब्यूरो अन्य संदिग्ध बहालियों की भी पड़ताल कर रहा है। सियासी गलियारों में यह सवाल गूंज रहा है कि फर्जी डिग्रियों के सहारे नौकरी पाने वालों के साथ-साथ उन्हें बहाल करने वाली व्यवस्था पर कब और कैसी गाज गिरेगी।
एक साथ 16 शिक्षकों पर फर्जीवाड़े की पुष्टि ने शिक्षा महकमे में हड़कंप मचा दिया है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासनिक सख्ती कितनी दूर तक जाती है और क्या यह मुहिम पूरे प्रदेश में बड़े खुलासों का सबब बनेगी।