Bihar Teacher News: 3 हजार शिक्षकों पर नौकरी का संकट, DM को सेवा समाप्त करने का आदेश, शिक्षा विभाग का सख्त फरमान

Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षा विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए करीब 3 हजार सरकारी शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा कर दिया है। ...

3 000 Bihar Teachers Face Dismissal After Education Dept Ord
3 हजार शिक्षकों पर नौकरी का संकट- फोटो : social Media

Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षा विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए करीब 3 हजार सरकारी शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा कर दिया है। टीआरई-3 (शिक्षक भर्ती परीक्षा) के नियमों के तहत राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) से प्राप्त 18 महीने के डीएलएड (D.El.Ed.) को अब विद्यालय अध्यापक पद के लिए अमान्य घोषित कर दिया गया है। इसके बाद विभाग ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को ऐसे शिक्षकों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्देश जारी कर दिया है। इस आदेश के बाद शिक्षा महकमे में हलचल तेज हो गई है और प्रभावित शिक्षकों के बीच बेचैनी का माहौल है।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि विज्ञापन संख्या 22/2024 (टीआरई-3) की कंडिका-2(बी)(4) के अनुसार, शिक्षा विभाग के 7 दिसंबर 2023 के आदेश के आलोक में एनआईओएस द्वारा प्रदान की गई 18 महीने की डीएलएड उपाधि विद्यालय अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए मान्य नहीं है। इसी कानूनी प्रावधान के आधार पर संबंधित शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जा रही है।

बताया जा रहा है कि इस निर्णय का असर राज्यभर के लगभग 3 हजार शिक्षकों पर पड़ेगा, जिन्होंने इसी योग्यता के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की थी। विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस फैसले के बाद प्रभावित शिक्षकों के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

उधर, शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 13 प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) का भी तबादला कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार प्रणव कुमार को अकोढ़ीगोला से बोचहां, संजय सिंह को डिहरी से नरकटियागंज, अफरोज आलम को संझौली से मोतिहारी, मनोज कुमार को सूर्यपुरा से मोतीपुर, चंदन प्रियदर्शी को फारबिसगंज से बिहटा, प्राण रंजन प्रसाद को राजपुर से रक्सौल, रजनीश कुमार को तिलौथू से रून्नीसैदपुर, हृषिकेश सिंह को चौसा से सिधवलिया, नभेश कुमार को बिहटा (पटना) से शिवहर, जितेन्द्र कुमार को चक्की से आलमनगर, अलताफ अहमद को डगरुआ से आजमनगर, राजेश कुमार को शिवसागर से रामगढ़ तथा नौशाद अहमद को छौड़ाही से देसरी स्थानांतरित किया गया है।

शिक्षा विभाग का कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया में निर्धारित योग्यता और नियमों का पालन अनिवार्य है तथा किसी भी स्तर पर मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, प्रभावित शिक्षक इस फैसले को लेकर कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे यह मामला अदालत की चौखट तक पहुंचता है या विभागीय कार्रवाई के साथ ही इन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी जाती हैं।