Sawan worship: आखिरी सावन सोमवार पर न करें ये गलती! जानें शिव पूजा, अभिषेक और बेलपत्र चढ़ाने का सही तरीका

Sawan worship: सावन के अंतिम सोमवार पर भगवान शिव की पूजा कैसे करें? जानें सरल पूजा विधि, अभिषेक, बेलपत्र चढ़ाने का तरीका, शिव मंत्र और व्रत से जुड़ी जरूरी बातें।

Sawan worship

Sawan worship: सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए खास माना जाता है। मान्यता है कि इस महीने में सोमवार के दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद मिलता है। अगर किसी कारण से आप सावन के पहले सोमवार या पूरे महीने पूजा नहीं कर पाए हैं, तो अंतिम सोमवार को श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना कर सकते हैं।

भगवान शिव को भक्तों पर जल्दी प्रसन्न होने वाला देवता माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में कहा गया है कि देवताओं से लेकर असुरों तक ने भगवान शिव की पूजा की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। रावण की शिव भक्ति का भी पुराणों में उल्लेख मिलता है।


सावन के अंतिम सोमवार पर कैसे करें पूजा


सावन के अंतिम सोमवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद घर के मंदिर या पास के शिव मंदिर में जाकर पूजा की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से करें। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। नंदी, भगवान कार्तिकेय और नाग देवता का भी स्मरण किया जा सकता है।

भगवान शिव का अभिषेक जल और गंगाजल से करें। इसके बाद दूध, दही, शहद, घी और चीनी से अभिषेक करने की परंपरा भी है। शिवलिंग पर चंदन, बेलपत्र, धतूरा और भांग चढ़ाई जाती है। इसके साथ धूप और दीप जलाकर भगवान शिव की पूजा करें। नंदी को भी श्रद्धा से चारा या आटे से बनी पिन्नी चढ़ाई जा सकती है। पूजा के दौरान अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान शिव का मंत्र जाप करें।


शिव मंत्र और स्तोत्र का करें पाठ


सावन सोमवार पर भगवान शिव की पूजा के दौरान शिव चालीसा, शिवाष्टक, शिव महिम्न स्तोत्र या शिव तांडव स्तोत्र का पाठ किया जा सकता है। भक्त अपनी सुविधा के अनुसार भगवान शिव के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं। रात में घी और कपूर से भगवान शिव की आरती करने की परंपरा है। धूप जलाकर भगवान शिव का ध्यान करें और उनकी महिमा का स्मरण करें। अगर संभव हो तो शिव पुराण का पाठ या उसका श्रवण भी किया जा सकता है।


व्रत रखने से पहले रखें ध्यान


अगर आप सावन के अंतिम सोमवार का व्रत रख रहे हैं, तो अपनी सेहत और क्षमता का ध्यान जरूर रखें। पूजा में सबसे जरूरी चीज श्रद्धा और भक्ति मानी जाती है। व्रत रखने में परेशानी हो तो अपनी क्षमता के अनुसार फलाहार या सामान्य सात्विक भोजन लिया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन सोमवार को सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को मानसिक शांति और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद मिलता है। हालांकि पूजा की विधि और मान्यताएं अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में कुछ अलग हो सकती हैं।