Bihar News : क्यों भारत ने भूटान को उपहार में दीं 43 जर्सी गायें? जानिए विदेश मंत्री जयशंकर के विशेष दौरे की वजह
Bihar News : भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 16-17 सितंबर को भूटान के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर बूमथांग पहुंचे। जहाँ उन्होंने भूटान को 43 जर्सी गायों का तोहफा दिया है.......पढ़िए आगे
N4N DESK : भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 16-17 सितंबर को भूटान के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर बूमथांग पहुंचे। भूटान के विदेश मंत्री ल्योनपो डी.एन. ढुंगयेल के निमंत्रण पर पहुंचे डॉ. जयशंकर का यह दौरा दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ और ऐतिहासिक संबंधों को और अधिक मजबूती प्रदान करने वाला साबित हो रहा है। दौरे के दौरान विदेश मंत्री ने कृषि, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
दौरे की शुरुआत में विदेश मंत्री ने नेशनल कैटल ब्रीडिंग सेंटर का दौरा किया, जहां उन्होंने स्थानीय किसानों की मदद और डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारत की ओर से शुद्ध नस्ल की 43 जर्सी गायें भूटान को सौंपीं। इस अवसर पर डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत से दी गई ये गायें भूटान के राष्ट्रीय डेयरी कार्यक्रम को मजबूती प्रदान करेंगी, जिससे दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और स्थानीय किसानों की आय में सुधार होगा।
इसके पश्चात, विदेश मंत्री ने ऐतिहासिक वांगदुएछोलिंग पैलेस एवं म्यूजियम का भ्रमण किया। यह पैलेस भूटान का पूर्व शाही निवास और राजदरबार रहा है, जो देश के इतिहास, कला, शिल्प और वास्तुकला की समृद्ध विरासत को समेटे हुए है। महल का अवलोकन करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक धरोहर आधुनिक भूटान के निर्माण में वहां के राजतंत्र के अतुलनीय योगदान का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इसके अलावा, उन्होंने भूटान के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक 'कुर्जे ल्हाखांग' में पूजा-अर्चना की और दोनों देशों के नागरिकों की समृद्धि तथा भारत-भूटान संबंधों की मजबूती के लिए प्रार्थना की।
सांस्कृतिक एवं विकासात्मक गतिविधियों के साथ-साथ कूटनीतिक मोर्चे पर भी दोनों देशों के बीच सार्थक बातचीत हुई। डॉ. एस. जयशंकर ने भूटान के विदेश मंत्री ल्योनपो डी.एन. ढुंगयेल के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में विकास साझेदारी, अक्षय ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य और जन-सांख्यिकीय संबंधों जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी द्विपक्षीय परियोजनाओं का उद्घाटन व शुभारंभ किया।
अपने इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान भारत के विदेश मंत्री भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक से शाही मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री छेरिंग तोबगे से भी शिष्टाचार भेंट करेंगे। उल्लेखनीय है कि भारत और भूटान के बीच सदैव ही प्रगाढ़ और भरोसेमंद संबंध रहे हैं। हाल ही में भूटान के प्रधानमंत्री ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति विशेष सम्मान व्यक्त करते हुए एक भावुक पत्र भी लिखा था, जो दोनों राष्ट्रों के बीच कायम गहरे आत्मीय संबंधों को दर्शाता है।