पश्चिम एशिया के चिंताजनक हालात पर पहली बार पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, युद्ध क्षेत्र में फंसे भारतीयों को दिया संदेश

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ हुई संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया के देशों के साथ मिलकर लगातार काम करता रहेगा

Narendra Modi
Narendra Modi - फोटो : news4nation

Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि भारत हर तरह के टकराव के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की प्राथमिकता क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।


सोमवार को दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ हुई संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया के देशों के साथ मिलकर लगातार काम करता रहेगा, ताकि वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा, “पश्चिम एशिया के हालात गंभीर और चिंताजनक हैं। भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी संबंधित देशों के साथ सहयोग करेगा और हम बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान चाहते हैं।”


इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की थी। बातचीत के बाद उन्होंने कहा था कि उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ती दुश्मनी को जल्द समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया है, क्योंकि यह संघर्ष लगातार तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है।


ईरान में  10 हजार भारतीय

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ईरान में करीब 10 हजार भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जो वहां पढ़ाई और रोजगार से जुड़े हुए हैं। वहीं इज़राइल में 40 हजार से अधिक भारतीय नागरिक निवास करते हैं। इसके अलावा गल्फ देशों और पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में लगभग 90 लाख भारतीय कामकाज और व्यवसाय के सिलसिले में रह रहे हैं। भारत सरकार की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की बात कही जा रही है।


भारतीय दूतावासों से लगातार संपर्क

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा- सरकार पूरी तरह तैयार है और विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों से लगातार संपर्क में है, ताकि प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। संबंधित दूतावासों के सीनियर अधिकारियों के साथ बैठकें कर सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया पर चर्चा की गई है।