पटना में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी: अधिक मुनाफे का झांसा देकर युवक से 11.97 लाख रुपये ऐंठे

राजधानी पटना में एक युवक से साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर 11.97 लाख रुपये ठग लिए। इस बावत साइबर थाना में पीड़ित ने मामला दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच मे जुटी है.....

पटना में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी: अधिक मुनाफे का
पटना में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 11.97 लाख की साइबर ठगी- फोटो : अनिल कुमार

Patna : राजधानी पटना में साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर एक युवक से 11.97 लाख रुपये ठग लिए। शातिर ठगों ने सबसे पहले पीड़ित युवक को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा और ऑनलाइन ट्रेडिंग के माध्यम से घर बैठे आकर्षक रिटर्न दिलाने का झांसा दिया। ठगों के लुभावने वादों में आकर पीड़ित उनके बिछाए जाल में फंस गया और अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। ठगी का शिकार होने का अहसास होने के बाद पीड़ित ने पटना साइबर थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई और राशि बरामदगी की गुहार लगाई है।


14 किस्तों में भेजे 11.97 लाख रुपये, स्क्रीन पर दिखाया फर्जी मुनाफा 

पीड़ित द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, साइबर अपराधियों ने शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए छोटी रकम का निवेश कराया। इसके बाद अधिक रिटर्न का लालच देकर लगातार बड़ी राशि जमा कराने के लिए उकसाया गया। गत 21 अगस्त से 11 सितंबर 2026 के बीच पीड़ित ने कुल 14 लेन-देन (ट्रांजेक्शन) के जरिए विभिन्न बैंक खातों में कुल 11,97,360 रुपये ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित को अपने निवेश पर असली मुनाफा होने का भरोसा बना रहे, इसके लिए अपराधियों ने एक फर्जी ऑनलाइन पोर्टल/खाते में उसका मुनाफा लगातार बढ़ता हुआ दिखाया।


रकम निकालने पर मांगे 30 लाख अतिरिक्त, तब हुआ ठगी का अहसास 

मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित ने अपनी जमा राशि और उस पर दिख रहे मुनाफे को अपने मूल बैंक खाते में निकालने (विड्रॉ) का प्रयास किया। पैसे निकालने की कोशिश करते ही ठगों ने पैंतरा बदला और सर्विस टैक्स, प्रोसेसिंग फीस तथा अन्य शुल्कों के नाम पर और पैसों की मांग शुरू कर दी। इतना ही नहीं, जालसाजों ने रकम जारी करने के एवज में करीब 30 लाख रुपये अतिरिक्त जमा कराने का दबाव बनाया। जब आरोपी लगातार अतिरिक्त पैसों की मांग करते रहे, तब पीड़ित को पूरे मामले के फर्जी होने और साइबर ठगी का अहसास हुआ।


बैंक खातों को फ्रीज करने और रकम बरामदगी की मांग 

ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित ने पटना साइबर थाना पुलिस से संपर्क कर संबंधित मोबाइल नंबरों, व्हाट्सऐप और टेलीग्राम खातों की जांच करने की मांग की है। इसके साथ ही जिन बैंक खातों में पैसे भेजे गए थे, उन्हें तत्काल फ्रीज कराकर ठगी गई राशि वापस दिलाने का अनुरोध किया है। पीड़ित ने अपने आवेदन के साथ साइबर पुलिस को अपराधियों संग हुई बातचीत के व्हाट्सऐप चैट स्क्रीनशॉट और बैंक लेन-देन (बैंक स्टेटमेंट) का पूरा विवरण साक्ष्य के तौर पर सौंपा है।


साक्ष्य के आधार पर साइबर थाना पुलिस जांच में जुटी 

प्राप्त आवेदन और सौंपे गए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पटना की साइबर थाना पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैंक खातों के विवरण और मोबाइल नंबरों के आधार पर अपराधियों की लोकेशन व पहचान ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही साइबर पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर मिलने वाले किसी भी लुभावने ऑनलाइन ट्रेडिंग ऑफर, शेयर बाजार के टिप्स या पार्ट-टाइम जॉब के झांसे में न आएं और केवल अधिकृत संस्थानों के माध्यम से ही निवेश करें।


अनिल की रिपोर्ट