Bihar Crime:बिहार में AK-47 तस्करी का बड़ा खेल उजागर, NIA ने फरार पार्षद करमुल्लाह को किया गिरफ्तार
Bihar Crime: सारण जिले में एके-47 राइफल और जिंदा कारतूस की बरामदगी से जुड़े कथित हथियार तस्करी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है।...
Bihar Crime: सारण जिले में एके-47 राइफल और जिंदा कारतूस की बरामदगी से जुड़े कथित हथियार तस्करी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपित मोहम्मद करमुल्लाह अंसारी को बिहार एसटीएफ के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया गया है। NIA ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। गिरफ्तार करमुल्लाह पर जांच एजेंसी ने प्रतिबंधित बोर के अत्याधुनिक हथियारों की कथित तस्करी की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है।मोहम्मद करमुल्लाह अंसारी परसा बाजार नगर पंचायत की चेयरमैन ऐशा खातुन के पुत्र बताए गए हैं। वह वर्तमान में वार्ड संख्या दो के वार्ड पार्षद भी हैं। NIA के अनुसार, उसे 22 अगस्त को चेतन परसा स्थित उसके आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में बिहार एसटीएफ ने केंद्रीय जांच एजेंसी का सहयोग किया।
यह मामला आरसी-11/2024/NIA/DLI से जुड़ा है। जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रकरण की जड़ें मुजफ्फरपुर जिले के फकुली थाना क्षेत्र में एके-47 राइफल और जिंदा कारतूस की बरामदगी तक जाती हैं। NIA का आरोप है कि करमुल्लाह ने अन्य आरोपितों के साथ मिलकर नगालैंड से बिहार तक प्रतिबंधित बोर के अत्याधुनिक हथियारों की कथित तस्करी की साजिश रची थी।जांच एजेंसी के लिए करमुल्लाह की गिरफ्तारी आसान नहीं रही। NIA की टीम ने इससे पहले 18 दिसंबर 2024 को चेतन परसा में उसके ठिकाने पर छापेमारी की थी। लेकिन एजेंसी के पहुंचने से पहले ही वह कथित तौर पर फरार हो गया था। इसके बाद से वह जांच एजेंसी की पकड़ से बाहर चल रहा था। करीब आठ महीने बाद दूसरे प्रयास में NIA और बिहार STF की संयुक्त कार्रवाई में उसे दबोच लिया गया।
मामले की जांच के दौरान NIA ने अलग-अलग चरणों में आरोप पत्र और पूरक आरोप पत्र दाखिल किए। 8 मई 2025 को विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ पहला पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को मंजूर खान और 15 अप्रैल 2026 को कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया।जांच एजेंसी ने इन आरोपितों के खिलाफ आपराधिक साजिश, शस्त्र अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। इसी मामले में NIA ने 19 अगस्त को मुजफ्फरपुर से भैरव त्रिपाठी को भी गिरफ्तार किया था।
करमुल्लाह की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ा सवाल हथियार तस्करी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ना है। कथित तौर पर हथियार कहां से बिहार तक पहुंचाए गए, इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों की आपूर्ति का अंतिम मकसद क्या था इन तमाम बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ रही है।फिलहाल NIA की इस कार्रवाई से मामले में एक और अहम कड़ी जुड़ गई है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपित की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी को कथित हथियार तस्करी नेटवर्क की परतें खोलने में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। मामले में आगे की जांच जारी है।
रिपोर्ट- धर्मेंद्र रस्तोगी