समस्तीपुर में युवती से छेड़खानी मामले में 4 आरोपियों की पहचान उजागर, चारों गिरफ्तार, पुलिस का बड़ा खुलासा
पुलिस ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद मामले में शामिल आरोपियों की पहचान के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने सूचना मिलने के महज छह घंटे के भीतर सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
Samastipur Molestation Case : समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में युवती के साथ सरेआम अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भी सार्वजनिक कर दी है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। गिरफ्तार आरोपियों में कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव निवासी विकास कुमार, राहुल कुमार और रामबाबू सहनी शामिल हैं। वहीं चौथा आरोपी बिजौलिया गांव निवासी अवधेश पासवान है। पुलिस के अनुसार, चारों की संलिप्तता वायरल वीडियो की तकनीकी जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सामने आई।
सोशल मीडिया निगरानी के दौरान सामने आया वीडियो
पुलिस के मुताबिक, 23 सितंबर की शाम सोशल मीडिया की निगरानी के दौरान पुलिस के संज्ञान में एक वीडियो आया। वीडियो में तीन-चार युवक एक लड़की के साथ अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे थे। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने तत्काल वीडियो का तकनीकी सत्यापन शुरू किया। जांच के दौरान वीडियो में दिख रहे घटनास्थल की पहचान कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव के पास बांध किनारे सड़क के रूप में की गई। पुलिस के अनुसार, घटना करीब एक सप्ताह पुरानी है।
6 घंटे के भीतर चारों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद मामले में शामिल आरोपियों की पहचान के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने सूचना मिलने के महज छह घंटे के भीतर सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कर्पूरीग्राम थाना कांड संख्या 117/26, दिनांक 24 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रही पीड़िता प्रथमदृष्टया नाबालिग प्रतीत हो रही है। फिलहाल पुलिस पीड़िता की पहचान स्थापित करने और मामले की आगे की जांच में जुटी है।
पीड़िता की पहचान उजागर नहीं करने की अपील
समस्तीपुर पुलिस ने मीडिया और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली किसी भी तस्वीर, वीडियो या अन्य सामग्री को साझा न करें। पुलिस ने कहा कि ऐसे कंटेंट के प्रसार से पीड़िता को मानसिक और सामाजिक नुकसान पहुंच सकता है तथा कानून के तहत पीड़िता की पहचान उजागर करना संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।