सावधान, बाजार में चल रहा 20 रुपए का नकली सिक्का, 70 करोड़ की जालसाजी का खुलासा, बिहार का आरोपी सहित 5 गिरफ्तार
बाजार में 20 रुपए का नकली सिक्का चल रहा है, पुलिस के मुताबिक, गिरोह उत्तर प्रदेश, पंजाब और बिहार समेत कई राज्यों में 70 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के नकली सिक्के बाजार में खपा चुका है।
Rs 20 Fake Coin : अगर आपके पास भी 20 रुपए के सिक्के हैं तो सावधान हो जाएं, बाजार में बड़ी संख्या में 20 रुपए के नकली सिक्के खपाए गए हैं। न सिर्फ इसका खुलासा हुआ है बल्कि ऐसे सिक्कों से जुड़े गिरोह को भी पुलिस ने दबोचा है जिसमें एक बिहार से जुड़ा आरोपी भी शामिल है। दरअसल, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में 20 रुपये के नकली सिक्के बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। जांच में इस नेटवर्क का कनेक्शन बिहार से भी जुड़ने का खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह उत्तर प्रदेश, पंजाब और बिहार समेत कई राज्यों में 70 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के नकली सिक्के बाजार में खपा चुका है। मामले में कथित सरगना उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों को सहारनपुर के तितरों इलाके में उस समय पकड़ा, जब वे वहां नकली सिक्के बनाने की नई यूनिट स्थापित करने के लिए मशीनरी ले जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह एक 20 रुपये का नकली सिक्का महज 5 से 6 रुपये की लागत में तैयार करता था। इन्हें एजेंटों को 12 से 15 रुपये में दिया जाता था, जो कमीशन के आधार पर बाजार में चलाते थे। शराब के ठेके गिरोह के प्रमुख ठिकाने थे, जबकि परचून की दुकानों और टोल प्लाजा पर भी नकली सिक्के खपाए जाते थे। इतना ही नहीं सब्जी मंडियों में भी आसानी से ऐसे सिक्के खपाए जाने का खुलासा हुआ।
सहारनपुर पुलिस के अनुसार, गिरोह के पास रोजाना 10 हजार से 12 हजार नकली सिक्के बनाने की क्षमता थी। पुलिस ने 6,400 नकली 20 रुपये के सिक्के बरामद किए हैं, जिनकी अंकित कीमत 1.28 लाख रुपये है। इसके अलावा करीब 5 लाख रुपये कीमत के अर्धनिर्मित सिक्के और छह मशीनें भी जब्त की गई हैं।

बिहार का आरोपी भी गिरोह में शामिल
गिरफ्तार आरोपियों में सहारनपुर का हिमांशु उर्फ गुल्लू, मुजफ्फरनगर का कुलदीप, भदोही का अनुराग पाल उर्फ लंकेश और बिहार का संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन शामिल है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के कथित सरगना उपकार लूथरा की उम्र 50 साल से अधिक है और वह वर्ष 2001 से नकली सिक्कों के कारोबार में शामिल बताया जा रहा है। वर्ष 2017 में दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था।

पुलिस का कहना है कि उपकार की तिहाड़ जेल में हिमांशु से मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों ने नेटवर्क तैयार किया और दूसरे सदस्य भी अलग-अलग जेलों में संपर्क के बाद गिरोह से जुड़ते गए। गिरोह में मशीनरी जुटाने, सिक्के बनाने, सप्लाई और बाजार में चलाने के लिए अलग-अलग लोगों को जिम्मेदारी दी गई थी।
खंगाली जा रही सप्लाई चेन
पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन, सात अकाउंट रजिस्टर, पांच लोहे की डाई, 39 बिना निशान वाली डाई, 20 मार्क वाली डाई समेत कई उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस अब मशीनों की खरीद, प्रस्तावित यूनिट के ठिकाने और नकली सिक्कों की सप्लाई चेन की जांच कर रही है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले सहारनपुर के एक राष्ट्रीयकृत बैंक के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई थी। इस मामले की जांच NIA कर रही है।

कैसे पहचाने नकली सिक्का
20 रुपये का सिक्का गोल नहीं बल्कि 12 कोनों वाला होता है। यह 12 साइड पॉलीगॉन वाला सिक्का है. इससे दृष्टिबाधित लोग भी सिक्के को हाथ लगाकर बता सकते हैं कि सिक्का असली है या नहीं। इसके अलावा 20 रुपये के सिक्के की सबसे खास बात ये है कि उसमें सिक्के के किनारे धारियां नहीं होती है। 1 रुपये के सिक्के में कोई धारियां नहीं होती है। 2, 10 रुपये के सिक्के में धारियां होती हैं, वहीं 5, 20 रुपये के सिक्के में धारियां नहीं होती। समें रिंग और कोर दो हिस्से होते हैं। 20 रुपये के सिक्के की रिंग निकेलस सिल्वर से बनी होती है। सरकारी मानक के मुताबिक ₹20 के सिक्के का वजन 8.54 ग्राम है। सिक्के के पिछले हिस्से पर फसल के दानों से जुड़ा डिजाइन दिया गया है।
