Patna Crime: पटना में कानून की नाक के नीचे खौफ! युवती को 4 घंटे बंधक बनाने का आरोप, नशीला शेक पिलाकर दरिंदगी की हदें पार? पुलिस कर रही मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार

Patna Crime राजधानी पटना में महिला सुरक्षा के दावों की फिर पोल खुली है....

Patna Hostage Horror Woman Held 4 Hours After Drugged Shake
पटना में कानून की नाक के नीचे खौफ!- फोटो : social Media

Patna Crime:  राजधानी पटना में महिला सुरक्षा के दावों की फिर खुली पोल। पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र में एक युवती को कथित तौर पर नशीला पदार्थ पिलाकर चार घंटे तक बंधक बनाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता के आरोपों ने पुलिस महकमे की कार्यशैली और राजधानी में महिलाओं की हिफाजत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीड़िता के मुताबिक, वह पहले किराए के फ्लैट में रहती थी और बाद में गर्ल्स हॉस्टल में रहने लगी। फ्लैट में उसका कुछ सामान छूट गया था। 6 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे वह अपना सामान लेने किराए के फ्लैट पहुंची थी। आरोप है कि इसी दौरान सौरभ कुमार ने उसे शेक में नशीली दवा मिलाकर पिला दी। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और आरोपितों ने उसे करीब चार घंटे तक अपने कब्जे में रखा।

पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ छेड़खानी, दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। उसने सौरभ के साथ अमन, रोहन, सूरज और अन्य सहयोगियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, आरोपितों ने उस पर जानलेवा हमला भी किया। मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास, महिला के साथ छेड़खानी, बलपूर्वक निर्वस्त्र करने और साक्ष्य मिटाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की है।

मामले में सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी ने बताया कि तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक पीड़िता ने अपने बयान में खुद को नशे की हालत में होने की बात कही है। उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है अगर राजधानी में एक युवती अपने ही परिचित के ठिकाने पर सुरक्षित नहीं है, तो महिला सुरक्षा का दावा आखिर किस भरोसे पर किया जा रहा है? दिनदहाड़े एक युवती को कथित तौर पर घंटों बंधक बनाए जाने की घटना पुलिस की चौकसी पर भी सवालिया निशान लगाती है। पटना में कानून का खौफ अपराधियों में है या सिर्फ आम नागरिकों में? महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के बीच अगर अपराधी चार घंटे तक एक युवती को अपने कब्जे में रखने का दुस्साहस कर सकते हैं, तो जवाबदेही तय कौन करेगा?