Patna Crime: फेसबुक पर दोस्ती, इश्क का जाल फिर ...युवक बना शिकार

Patna Crime: युवक की फेसबुक पर एक युवती से दोस्ती हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही। धीरे-धीरे बातचीत मैसेंजर से निकलकर व्हाट्सऐप तक पहुंच गई।

Patna Facebook Romance Trap
फेसबुकिया प्यार का जाल- फोटो : social Media

Patna Crime: पटना में रहकर नौकरी करने वाले गया निवासी एक युवक के साथ साइबर ठगी का सनसनीखेज और हैरतअंगेज मामला सामने आया है। साइबर शातिरों ने कथित तौर पर पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती और फिर प्यार का झांसा देकर युवक का भरोसा जीता। इसके बाद उसे ऑनलाइन बिजनेस में मोटे मुनाफे का ख्वाब दिखाकर करीब 70 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर करा लिए। जब युवक ने अपने पैसे और कथित मुनाफे को वापस निकालना चाहा, तो उसके अकाउंट से निकासी पर रोक लगा दी गई। यहीं से उसे पूरे फर्जीवाड़े की बू आने लगी।

बताया जा रहा है कि युवक की फेसबुक पर एक युवती से दोस्ती हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही। धीरे-धीरे बातचीत मैसेंजर से निकलकर व्हाट्सऐप तक पहुंच गई। युवती लगातार चैट और वीडियो कॉल के जरिए युवक के संपर्क में रही।समय के साथ बातचीत में कथित तौर पर नजदीकियां बढ़ीं। युवती ने युवक के सामने प्रेम का इजहार किया और इस तरह उसके दिल और भरोसे दोनों में जगह बना ली। युवक को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस रिश्ते को वह मोहब्बत समझ रहा है, उसके पीछे कथित तौर पर साइबर ठगों का पूरा खेल चल रहा है।

भरोसा कायम होने के बाद युवती ने युवक को एक ऑनलाइन बिजनेस मॉडल के बारे में बताया। उसे कथित तौर पर समझाया गया कि इस प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाकर कम समय में अच्छा-खासा मुनाफा कमाया जा सकता है।युवक को यकीन दिलाने के लिए उसे एक ऑनलाइन डैशबोर्ड भी दिखाया गया। इस डैशबोर्ड पर निवेश की रकम लगातार बढ़ती हुई नजर आ रही थी। रकम बढ़ती देखकर युवक को भरोसा होने लगा कि उसका पैसा किसी फायदे वाले कारोबार में लगा है और जल्द ही उसे मोटा मुनाफा मिलने वाला है।यही भरोसा कथित साइबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार बना।

डैशबोर्ड पर बढ़ती रकम देखकर युवक ने कथित तौर पर अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। शुरुआत में छोटी रकम से शुरू हुआ निवेश धीरे-धीरे बड़ी रकम में बदलता गया।युवक को उम्मीद थी कि पर्याप्त पैसा जमा होने और मुनाफा बढ़ने के बाद वह एक साथ अपनी रकम निकाल लेगा। लेकिन देखते ही देखते उसके द्वारा ट्रांसफर की गई रकम करीब 70 लाख रुपये तक पहुंच गई।इस दौरान फर्जी प्लेटफॉर्म पर रकम बढ़ती हुई दिखाई देती रही, जिससे युवक को अपने निवेश के सही होने का भरोसा बना रहा।

कथित ठगी का पर्दाफाश तब हुआ, जब युवक ने अपने निवेश और मुनाफे की रकम निकालने की कोशिश की। लेकिन अचानक विड्रॉल की सुविधा रोक दी गई। वह अपने ही पैसे निकालने में असमर्थ हो गया।इसके बाद युवक को एहसास हुआ कि जिस ऑनलाइन बिजनेस और मुनाफे का सपना उसे दिखाया जा रहा था, वह कथित तौर पर एक साइबर ठगी का जाल हो सकता है।फेसबुक पर दोस्ती, व्हाट्सऐप पर लगातार बातचीत, वीडियो कॉल के जरिए भरोसा कायम करना और फिर निवेश के नाम पर करोड़ों की जगह लाखों रुपये ट्रांसफर करवाना—पूरा घटनाक्रम साइबर ठगी के एक सुनियोजित पैटर्न की तरफ इशारा करता है।

ऐसे कथित निवेश फर्जीवाड़े में पीड़ित को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक ऐसा डैशबोर्ड दिखाया जाता है, जिसमें उसकी रकम और मुनाफा बढ़ता हुआ नजर आता है। इससे उसे लगता है कि पैसा वास्तव में निवेश किया जा रहा है।लेकिन जब पीड़ित रकम निकालने की कोशिश करता है तो विड्रॉल रोक दिया जाता है या अतिरिक्त शुल्क और दूसरी शर्तों का हवाला देकर उससे और पैसा मांगा जा सकता है।इस मामले में भी युवक के साथ कथित तौर पर इसी तरह का खेल होने की बात सामने आई है।