Patna Police: बिहार पुलिस में हाई वोल्टेज ड्रामा! पटना में अपर थानाध्यक्ष ने DSP पर तानी पिस्टल, हाथापाई से मचा हड़कंप, सकते में विभाग

Patna Police:पटना में आरोपी दारोगा ने खुद को छुड़ाने के लिए अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकालकर निगरानी अधिकारियों पर तान दी। ...

Patna Cop Drama SHO Points Gun at DSP Sparks Chaos
अपर थानाध्यक्ष ने DSP पर तानी पिस्टल- फोटो : X

Patna Police:पटना में आरोपी दारोगा ने खुद को छुड़ाने के लिए अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकालकर निगरानी अधिकारियों पर तान दी। इसके बाद जानीपुर-नौबतपुर मार्ग पर दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। राजधानी पटना के जानीपुर थाना क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने अपर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन के तहत की गई, जिसमें शिकायतकर्ता की मदद से पूरी योजना तैयार की गई थी।

मामला जमीन से जुड़ा हुआ है। रूपसपुर निवासी कौशल किशोर ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी निजी जमीन पर असामाजिक तत्वों द्वारा कब्जा और घेराबंदी में बाधा उत्पन्न की जा रही थी। सरकारी अमीन से मापी के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई थी। आरोप है कि इस मामले में मदद करने के एवज में जानीपुर के अपर थानाध्यक्ष ने एक लाख रुपये की मांग की थी।

निगरानी ब्यूरो ने शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद आरोप को सही पाया और डीएसपी अरुणोदय पांडे के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की। योजना के अनुसार, नहर की पूर्वी सड़क के किनारे घूस की रकम लेते ही दारोगा को दबोच लिया गया।

गिरफ्तारी के दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई जब आरोपी ने खुद को बचाने के लिए अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकाल ली और निगरानी टीम पर तान दी। इसके बाद जानीपुर-नौबतपुर मार्ग पर दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। करीब 500 मीटर तक पीछा कर निगरानी टीम ने किसी तरह आरोपी को काबू में किया।

इस दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और कई लोगों ने पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया। अंततः निगरानी टीम ने आरोपी को काबू में कर हिरासत में ले लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपी को विशेष न्यायालय में पेश किया । यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की सख्ती लगातार जारी है और किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।