नित्यानंद राय का बड़ा फैसला: अब काफिले में नहीं दौड़ेगी गाड़ियों की फौज, सुरक्षा में कटौती का निर्देश
N4N Desk : पीएम मोदी द्वारा पेट्रोल और डीजल की बचत के आह्वान का बड़ा असर दिख रहा है। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने अपनी सुरक्षा काफिले में वाहनों की संख्या सीमित करने का आदेश दिया है.....
N4N Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में पेट्रोल और डीजल की बचत को लेकर किए गए आह्वान का व्यापक असर दिखने लगा है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक अनुकरणीय पहल करते हुए अपने आधिकारिक दौरों के दौरान सुरक्षा काफिले में वाहनों की संख्या को न्यूनतम करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में उनके निजी सचिव प्रशांत रंजन (IRS) ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव को एक आधिकारिक पत्र लिखकर नए निर्देशों की जानकारी दी है।
सुरक्षा में अब सिर्फ दो वाहन होंगे शामिल
जारी किए गए आधिकारिक पत्र (पत्र संख्या 4278997/पी.एस./एम.ओ.एस.एन./2026) के अनुसार, अब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के किसी भी दौरे पर उनकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए केवल दो वाहनों का उपयोग किया जाएगा। इसमें एक वाहन सीआरपीएफ (CRPF) का और दूसरा वाहन राज्य पुलिस का शामिल होगा। यह फैसला ईंधन की बर्बादी को रोकने और सुरक्षा के नाम पर होने वाले अतिरिक्त तामझाम को खत्म करने के उद्देश्य से लिया गया है।
जिला और थाना स्तर की एस्कॉर्ट सेवा पर रोक
मंत्री कार्यालय द्वारा बिहार सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जिलों के दौरे के दौरान जिला प्रशासन या स्थानीय थानों द्वारा जो अतिरिक्त सुरक्षा वाहन और एस्कॉर्ट गाड़ियाँ लगाई जाती हैं, उन्हें अब नहीं लगाया जाए। पत्र में अनुरोध किया गया है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल को केवल सीमित वाहनों तक ही रखा जाए, ताकि सड़कों पर सामान्य यातायात बाधित न हो और संसाधनों का अपव्यय रुके।
ईंधन बचत और 'जीरो वीआईपी कल्चर' पर जोर
नित्यानंद राय के इस कदम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस मुहिम से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने देशवासियों से ऊर्जा संरक्षण की अपील की थी। गृह राज्य मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए अपने काफिले को छोटा करना यह संदेश देता है कि सरकार सादगी और जनता की सुविधा को प्राथमिकता दे रही है। इस निर्णय से न केवल सरकारी खजाने पर बोझ कम होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय
13 मई 2026 को जारी इस पत्र के बाद बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इसकी काफी चर्चा हो रही है। आमतौर पर केंद्रीय मंत्रियों के दौरे पर गाड़ियों का लंबा काफिला चलता है, जिससे आम जनता को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। नित्यानंद राय की इस पहल के बाद अब अन्य जनप्रतिनिधियों पर भी अपने काफिले को सीमित करने का नैतिक दबाव बढ़ेगा। प्रशासन अब मंत्री के आगामी दौरों के लिए इसी नए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तैयारी कर रहा है।
