Bihar Crime: NEET के बाद SSC पेपर लीक में फिर सामने आया बिहार कनेक्शन, 10 लाख में पास कराने का हुआ था सौदा! पकड़ा गया हाईटेक नकल सिंडिकेट

Bihar Crime: देशभर में सुर्खियां बटोर चुके नीट पेपर लीक मामले के बाद अब रांची में आयोजित एसएससी जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल कांड के तार बिहार से भी जुड़ गए हैं।...

Nalanda Link Exposed in Ranchi SSC GD Paper Leak Scam
पेपर लीक का काला खेल- फोटो : reporter

Bihar Crime: देशभर में सुर्खियां बटोर चुके नीट पेपर लीक मामले के बाद अब रांची में आयोजित एसएससी जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल कांड के तार बिहार के नालंदा से भी जुड़ गए हैं। झारखंड पुलिस की तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि पूरे फर्जीवाड़े का नेटवर्क नालंदा से ऑपरेट किया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए सॉल्वर गैंग के पांच सदस्यों को दबोच लिया है।

रांची सिटी एसपी के मुताबिक, गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश में नालंदा जिले के कई ठिकानों पर रेड डाली गई। छापेमारी के दौरान एक आरोपी को नालंदा से गिरफ्तार किया गया, जबकि कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि पुलिस ने फिलहाल आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।

पूरा मामला रांची के पिस्का मोड़ स्थित भविष्यवादी ऑनलाइन परीक्षा केंद्र(Futuristic Online Examination Center) से जुड़ा है, जहां SSC GD कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान हाईटेक तरीके से नकल कराई जा रही थी। पुलिस ने मौके से एक महिला समेत छह अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार उम्मीदवारों में ऋषिकेश कुमार यादव, आर्यन कुमार, राहुल कुमार, रविरंजन कुजूर, राजकुमार और अनु कुमारी शामिल हैं।

जांच में सामने आया कि हरियाणा के खरखौदा निवासी दीपक शर्मा का संपर्क नालंदा के परीक्षा माफियाओं से था। इसके बाद रमेश नाम के शख्स के जरिए पूरे सेंटर को मैनेज करने की साजिश रची गई। गिरोह ने पहले सेंटर के आईटी मैनेजर सुजीत कुमार यादव को पैसों का लालच देकर अपने जाल में फंसाया। बाद में सेंटर अधीक्षक, इलेक्ट्रिशियन और सेंटर मालिक भी इस नेटवर्क का हिस्सा बन गए। पुलिस के मुताबिक, सर्वर रूम में एक अतिरिक्त कंप्यूटर लगाकर उसे इंटरनेट के जरिए मास्टर सिस्टम से जोड़ा गया था। फिर चिन्हित कंप्यूटरों को रिमोट एक्सेस देकर बाहर बैठे सॉल्वर प्रश्न हल कर रहे थे। अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के लिए 10 लाख रुपये तक की डील हुई थी। फिलहाल झारखंड पुलिस फरार मास्टरमाइंड और उसके पूरे नेटवर्क की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

रिपोर्ट- राज पाण्डेय