Bihar Crime: रॉड से खाकी पर हमला, शराब तस्कर ने एड़ी तोड़ी, पुलिस को खुली चुनौती देकर हो गए फरार
Bihar Crime: शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर हमले की सनसनीखेज वारदात सामने आई है।
Bihar Crime: शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर हमले की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। मुजफ्फरपुर में औराई थाना क्षेत्र के सरहचिया गांव में शुक्रवार दोपहर एक कथित शराब तस्कर ने पुलिस के साथ गए चौकीदार मोहम्मद जैनुल पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। वार इतना जोरदार था कि उनके दाहिने पैर की एड़ी की हड्डी टूट गई। गंभीर हालत में उन्हें एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक पुलिस टीम धारा 41 के तहत जमानती वारंट के सिलसिले में आरोपी की जानकारी लेने गांव पहुंची थी। इसी दौरान पुलिस की नजर कथित शराब तस्कर सुभाष बैठा पर पड़ी। बताया जा रहा है कि वह बाइक से शराब की डिलीवरी करने जा रहा था और बाइक की डिक्की में शराब रखी थी। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो वह भागने लगा।
पुलिस और चौकीदार ने उसका पीछा किया। भागते-भागते वह पास के एक गैरेज में घुस गया और वहां से लोहे की रॉड उठा ली। चौकीदार मोहम्मद जैनुल ने उसे पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी ने उनके पैर पर रॉड से ताबड़तोड़ वार कर दिया। हमले में उनकी एड़ी की हड्डी टूट गई और आरोपी मौके से फरार हो गया।
इस वारदात ने पुलिस की कार्रवाई और तैयारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आला अफसर अक्सर निर्देश देते हैं कि बिना पर्याप्त तैयारी और बल के संवेदनशील कार्रवाई न की जाए, लेकिन इस अभियान में पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी को लेकर थानाधिकारी पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि घटनास्थल से करीब सात किलोमीटर की दूरी पर ओपी और डायल-112 की टीम उपलब्ध थी, फिर भी अतिरिक्त बल क्यों नहीं बुलाया गया?
फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। लेकिन इस घटना ने एक तल्ख सवाल जरूर छोड़ दिया है जब अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए खाकी पर ही रॉड चला दे, तो क्या कार्रवाई से पहले पुलिस की तैयारी और रणनीति की समीक्षा नहीं होनी चाहिए?
रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा