Bihar Crime:डेटा चोरी कर विदेशों में बेचते थे, इंटरनेशनल साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़, बांग्लादेश कनेक्शन से खुला बड़ा राज

Bihar Crime: मुजफ्फरपुर में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है।

Muzaffarpur Global Cyber Racket Busted Crores Fraud via Data
इंटरनेशनल साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़- फोटो : reporter

Bihar Crime: मुजफ्फरपुर में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस हाईटेक ठगी के खेल में शामिल चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनका नेटवर्क देश की सीमाओं को पार कर बांग्लादेश तक फैला हुआ पाया गया है।

पूरे ऑपरेशन को मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर अंजाम दिया गया। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी की निगरानी में गठित विशेष टीम का नेतृत्व साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार कर रहे थे, जबकि एसटीएफ की टीम भी लगातार इस मिशन में जुटी हुई थी।

तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने अहियापुर थाना क्षेत्र से ऋषभ कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पूरे गिरोह का काला चिट्ठा खोल दिया। उसकी निशानदेही पर यूपी के गाजीपुर से दीपक चौधरी, दरभंगा के जाले थाना क्षेत्र से सुधांशु कुमार और मुजफ्फरपुर के हथौड़ी थाना क्षेत्र से साहिल कुमार को दबोच लिया गया।जांच में जो खुलासा हुआ, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। यह गिरोह पहले आम लोगों का निजी डेटा अवैध तरीके से चोरी करता था जिसमें मोबाइल नंबर, बैंक डिटेल्स और अन्य संवेदनशील जानकारी शामिल होती थी। इसके बाद इस डेटा को विदेशी नेटवर्क के जरिए बेच दिया जाता था, जहां से साइबर ठगी की बड़ी वारदातों को अंजाम दिया जाता था।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक बैंक अकाउंट को भी सीज किया है, जिसमें करीब 4 लाख रुपये जमा पाए गए हैं। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह गिरोह किन-किन देशों के साइबर अपराधियों से जुड़ा हुआ था और कितने बड़े स्तर पर यह नेटवर्क काम कर रहा था।एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि लगातार मिल रही साइबर ठगी की शिकायतों के बाद यह विशेष अभियान चलाया गया था। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। इस खुलासे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर अपराध अब लोकल नहीं, बल्कि इंटरनेशनल नेटवर्क का हिस्सा बन चुका है जहां एक क्लिक से आपकी निजी जानकारी सीमाओं के पार पहुंच जाती है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा